योगी सरकार की सौगात, यूपी में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का होगा फ्री वैक्सीनेशन

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योगी सरकार की सौगात, यूपी में 18 साल से अधिक उम्र के लोगों का होगा फ्री वैक्सीनेशन

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते संक्रमण के बीच योगी सरकार ने कैबिनेट बैठक में बड़ा फैसला लिया है. 1 मई से शुरू होने वैक्सीनेशन के अगले चरण में 18 साल से ऊपर के सभी लोगों को मुफ्त कोरोना वैक्सीन लगाई जाएगी. केंद्र सरकार ने सोमवार को ही एक मई से 18 साल से ऊपर के लोगों का टीकाकरण अभियान शुरू करने का फैसला किया. अभी तक सरकार 45 साल से ऊपर के लोगों को ही मुफ्त वैक्सीन लगा रही थी. कैबिनेट बैठक में फैसला लिया गया कि 18 वर्ष के ऊपर के लोगों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन लगाई जाएगी लेकिन जो लोग सक्षम हैं और टीके की कीमत चुका सकते हैं. उनसे यह भी अपील सरकार की तरफ से की जा सकती है कि वह निजी अस्पतालों में टीका लगवाएं. 

कैबिनेट में लिए ये फैसले 

- जिन जिलों में कुल मरीजों के मुकाबले 75 फीसदी मरीज होम आइसोलेशन में हैं, वहां इन मरीजों को उनके घर पर ही सात दिन की दवा हर हाल में उपलब्ध कराई जाए.
- प्रदेश भर में कोविड अस्पतालों में मौजूदा बेड की संख्या दोगुनी की जाएगी
- प्रदेश में अभी तक ऑक्सीजन की डिमांड दोगुनी हो चुकी है, इसलिए भारत सरकार से 800 टन ऑक्सीजन जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की मांग की जाएगी
- प्रत्येक जिले के प्रभारी मंत्री अपने जिले में जाएंगे और वहां स्वास्थ्य सेवाओं खासकर ऑक्सीजन की किल्लत को दूर कराएंगे. साथ ही इसकी पूरी रिपोर्ट सरकार को देंगे. इसके अलावा संबंधित जिले में बनाये गए क्वारंटाइन सेंटर का निरीक्षण करेंगे.
- स्वच्छता अभियान को वृह्द स्तर पर चलाया जाए.

कोरोना महामारी अधिनियम 2020 में 8वां संशोधन

मंगलवार को यूपी सरकार ने कोरोना महामारी अधिनियम 2020 में 8वां संशोधन किया है. आपको बता दें कि इस नए संशोधन के मुताबिक अब बिना मुंह ढके निकलने पर जुर्माने की राशि तय की गई है. इसके मुताबिक कोई भी व्यक्ति घर के बाहर बिना मास्क, गमछा, स्कार्फ लपेटे हुए नहीं निकल सकेगा, अगर वो ऐसा करता हुआ पाया गया तो फिर उस पर ₹1000 जुर्माने का प्रावधान किया गया है. अगर आपने ये गलती दोहराई यानि कि दोबारा बिना मास्क पहने हुए पकड़े गए तो आपको  ₹10000 का जुर्माना भुगतना पड़ेगा. वहीं सार्वजनिक स्थान पर थूकने पर ₹500 का जुर्माना भी यूपी सरकार ने लगाया है. महामारी अधिनियम में संशोधन कर जुर्माना राशि शामिल की गई है.