सच्चे सेवक:- कोरोना काल मे ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका आज देवदूत से कम नहीं

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सच्चे सेवक:- कोरोना काल मे ग्रामीण चिकित्सकों की भूमिका आज देवदूत से कम नहीं

नीतीश कुमार की रिपोर्ट

पटना-कोरोना काल का सच्चा सेवक :- मित्रों कोरोना काल -2 मे कोरोना संक्रमण की भीष्ण कहर से सभी जगह त्राहिमाम मची है l इसमें क्या अपने और क्या पराये सभी बेगाने हो चुके है l अर्थी को कंधे देने वाले कोई सगा भी नहीं पास जा रहे तो दूसरे बात करना बेमानी हो जायेगी l सभी अस्पतालो मे जो सुविधाए है वह भगवान भरोसे ही सब कुछ चल रहा है l अगर आप बच रहे है तो उपर वाले मेहरबानी कहिए वर्ना कोरोना संक्रमित इमर्जेन्सी वाले मरीजो को अस्पताल से वापस घर स्वस्थ्य हो लौटना 90 प्रतिशत सम्भावनाए नहीं के बराबर है l ज्यादातर सुविधा सम्पन्न लोग ही काल के ग्रास बन रहे है l इसके पीछे की राज आपसे छुपी नहीं है l सरकारी अस्पतालों मे सबकुछ उपर वाले की कृपा ही है l बाकी नीचे वाले तो नीचे वाले ही है सिर्फ मौत पर राजनीति होती है l
             मित्रों ऐसे समय में कोरोना महामारी की भीष्म संकट मे अगर कोई कोरोना मरीजों की सच्चा साथी और सेवक है तो वे है हमारे ग्रामीण चिकित्सक भाई, जिन्हें हम झोला छाप दूसरे शब्दों में कहकर उन्हे हम  हमेशा गाली और अपमानित करते किया करते है l आज हमें अगर सच्चा सेवक के रूप मे अपनी अपने  परिवार की जान जोखिम मे डालकर सेवा कर रहे है वो किसी देवदुत से कम नहीं है। हर गाँव में एक दो ग्रामीण चिकित्सक है जो अपने और आस पास गाव के ग्रामीणों की निस्वार्थ भाव से सेवा मे लगे है और वर्षो से करते आ रहे है l वे जितनी सम्मान के हकदार होते है उन्हे या हमारी समाज नही देती और न ही उन्हे सरकार भी कोई सुविधा उचित प्रशिक्षण भी नही देती है फिर भी वे किसी बड़े MBBS डाक्टरों से कम नहीं कई तो ऐसे आज भी पटना जिले की वे बड़े डाक्टरों को भी पीछे छोड़े हुए है l आज हमे उनकी उपयोगिता का एहसास हमसभी हो रहा है l हम दर्जनों ऐसे चिकित्सकों को निजी तौर जानते है जो समाज सेवा निस्वार्थ भाव कर रहे है l जिनकी भूरि भरी प्रसंसा जितनी भी की जाए वो कम होगी k उनकी हम अगले लेख मे पूरे विस्तृत विवरण के साथ जानकारी देंगे l
       वैसे ग्रामीण चिकित्सक संघ भी इनके लिए संघर्ष और उनकी लड़ाई को लड़ रही हम भी कई बार उनके संघ की बैठकों और इनकी माँगो को सरकार के समक्ष खबर के माध्यम से लिखकर रखी है l हा एक दूसरी बात भी कुछ लोग इसके आड़ मे भोले भाले लोगों का ईलाज के नाम पर दोहन भी करते है l फिर भी लेकिन सिक्के दो पहलू होते,एक तरफ अंधेरे तो दूसरी ओर उजाला भी हमें सकारात्मक चीजों देखना है आज उन्हें हमें सम्मानित भी करनी होगी l 
         हम आपकी निःस्वार्थ भाव की जा रही सेवा को सलाम करते है l आपकी सेवा इस विपरीत और कठिन समय मे समाज के लिए आज आपकी की गई सेवा को आपकी उपयोगिता समझ मे आयेगी और सरकार को भी आपकी अहमियत को समझनी होगी l