कानपुर समेत आसपास के शहरों का हाल
लॉकडाउन: सड़कों पर पसरा सन्नाटा

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कानपुर समेत आसपास के शहरों का हाल
लॉकडाउन: सड़कों पर पसरा सन्नाटा

गौरव शुक्ला की रिपोर्ट

कोरोना संक्रमण रोकने के लिए शनिवार रात आठ बजे से सोमवार सुबह सात बजे तक चलने वाली पूर्ण बंदी में आवश्यक सेवाओं में शामिल स्वास्थ्य सेवाओं मसलन मेडिकल स्टोर व नर्सिंग होम को ही खोलने की अनुमति दी गई है। इसी तरह कोरोना से बचाव वाली सामग्री बनाने वाली औद्योगिक इकाइयां भी संचालित होंगी।इसमें मास्क, सैनिटाइजर, ग्लव्ज, पीपीई किट व दवा बनाने वाली इकाइयां शामिल हैं। इस तरह की कानपुर में करीब 50 इकाइयां हैं। इनमें करीब दो हजार कर्मचारी काम करते हैं। इसके अलावा सतत संचालन प्रक्रिया वाले उद्योग जैसे स्टील, रिफाइनरी, सीमेंट, वस्त्र, टायर, रसायन, कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट, पेपर व चीनी मिलों को भी चलने की अनुमति है।इनके अलावा किसी भी तरह की औद्योगिक इकाइयां नहीं चलेंगी। बाजार व फुटकर दुकानें नहीं खुलेंगी। यहां तक की पेट्रोल पंप, दूध, राशन, किराना और परचून तक की दुकानें बंद रहेंगी। रविवार सुबह सड़कों पर सन्नाटा दिखा।कानपुर के किदवई नगर चौराहे पर सन्नाटा दिखाई दिया। क्षेत्र की सभी दुकानें बंद रहीं। कोरोना के खौफ के चलते लोग घरों में कैद रहे।रविवार को पूर्ण बंदी के चलते चित्रकूट जिले में बाजार बंद रहा। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। यात्री साधन न मिलने से लोग परेशान दिखे। इक्का-दुक्का मिले ई-रिक्शा चालकों ने मनमानी किराया वसूला।कोरोना के खौफ के चलते हमीरपुर जिले की सड़कों पर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। लोग घरों में कैद रहे। ज्यादातर दुकानें भी बंद दिखीं। फर्रुखाबाद जिले में रविवार की पूर्ण बंदी के दौरान गुरुगांव देवी मंदिर के बाहर सन्नाटा पसरा दिखाई दिया। लोग घरों में ही कैद रहे। कानपुर में कोरोना कर्फ्यू के दौरान रविवार को कल्याणपुर की सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। वहीं रोजमर्रा की जरूरत का सामान बेचने वाले दुकानदार चोरी-छिपे दुकान खोलकर दुकानदारी करते नजर आए।