पंचायत चुनाव की मतगणना कल, कोरोना प्रोटोकॉल पालन का आदेश, मतपेटियों को खोलने से पहले करेंगे सैनिटाइज

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पंचायत चुनाव की मतगणना कल, कोरोना प्रोटोकॉल पालन का आदेश, मतपेटियों को खोलने से पहले करेंगे सैनिटाइज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की काली छाया में संपन्न त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद वोटों की गिनती रविवार यानी दो मई को आरंभ होगी। जिला मुख्यालयों पर मतगणना के दौरान कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन किया जाएगा। मतगणना से संबंधित सभी व्यक्तियों को ही नहीं मतपेटियों को भी सैनिटाइज किया जाएगा। सभी मतगणना केंद्रों पर सफाई व सैनिटाइजेशन की विशेष व्यवस्था रहेगी। गिनती के दौरान पाली परिवर्तन के समय भी टेबल को सैनिटाइज किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से सभी जिलाधिकारियों को मतगणना कराने के लिए 13 सूत्री गाइडलाइन प्रेषित करते हुए उन पर कड़ाई से अमल करने की हिदायत दी गई है। स्थानीय निकायों को स्वच्छता का खास ध्यान रखने और स्वास्थ्य विभाग को चिकित्सा प्रबंध दुरस्त रखने को कहा गया है।

राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से विशेष कार्याधिकारी एसके सिंह ने गाइडलाइन जारी की है। प्रत्येक मतगणना केंद्र पर मेडिकल हेल्थ डेस्क सक्रिय रहेगी जिसमें आवश्यक दवा व चिकित्सक उपलब्ध होंगे। प्रत्याशियों व उनके एजेंटों को मतगणना से पूर्व रैपिड एंटीजन टेस्ट की नेगेटिव रिपोर्ट अथवा कोविड-19 वैक्सीनेशन कोर्स पूर्ण करने की रिपोर्ट देनी होगी। इसके बाद ही मतगणना केंद्र में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी। मतगणना स्थल में प्रवेश से पहले आक्सीमीटर व थर्मामीटर से टेस्ट जरूर कराना होगा।

वेंटीलेशन का उचित प्रबंध अनिवार्य : मतगणना केंद्रों पर मास्क लगाना व सुरक्षित शारीरिक दूरी बनाकर रखना होगा। मतगणना कक्ष में वेंटीलेशन का उचित प्रबंध करना होगा। मतदान केंद्र के बाहर व भीतर सैनिटाइजर, साबुन व पानी की व्यवस्था भी करनी होगी।

जुकाम बुखार के लक्षण मिले तो प्रवेश नहीं : मतगणना स्थल पर किसी भी ऐसे व्यक्ति को प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा जिसमें कोविड-19 का कोईे भी लक्षण नजर आएगा। जुकाम बुखार आदि के लक्षण मिले तो केंद्र से बाहर किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर न भीड़ जुटने दी जाएगी और न ही उम्मीदवारों को विजय जुलूस निकालने की अनुमति मिलेगी। कोविड प्रोटोकाल तोड़ने पर भारतीय दंड संहिता की धारा-188 तथा आपदा प्रबंध अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

वोटरों के उत्साह पर कोरोना भारी : त्रि-स्तरीय पंचायत चुनाव में कोरोना ने मतदाताओं का उत्साह कम किया। वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव में औसत मतदान प्रतिशत जहां 75 प्रतिशत था वहीं इस बार केवल चौथे व अंतिम चरण में वोटरों ने 17 जिलों में 75.38 प्रतिशत वोटिंग की। प्रथम चरण के 18 जिलों में 71 प्रतिशत तथा तीसरे चरण में 73 प्रतिशत वोट डाले गए।