विधायक माधवेन्द्र सिंह रानू जी मतगणना को रुकवाने के लिए पत्र लिखा वही कुछ ही घण्टो बाद सगा भाई बन गया मतगणना एजेंट

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विधायक माधवेन्द्र सिंह रानू जी मतगणना को रुकवाने के लिए पत्र लिखा वही कुछ ही घण्टो बाद सगा भाई बन गया मतगणना एजेंट

मोहित गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई-जनपद मे सत्ता के अंदर चल रहा है दोहरा चरित्र मामला सवायजपुर तहसील से जुडा है जब से कोरोना ने हरदोई में अपना कहर ढाया है जब से हरदोई के जनप्रतिनिधि मानो भूमिगत हो गए हो और जनता से हमदर्दी बटोरने के लिए किसी न किसी जनप्रतिनिधि का एक न एक पत्र आये दिन शोशल  मीडिया पर तैरता नज़र आता है किसी जनप्रतिनिधि ने लखनऊ में बैठे बैठे मात्र फोन से ऑक्सीजन उपलब्ध करा दी और खबर प्रकाशित करवा दी तो किसी ने सी0एम0ओ0से बात करने की खबर प्रकाशित करवा दी तो किसी ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिख कर खबर चलवा दी इन्ही तैरते पत्रों में सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह रानू का दिनांक 28/04/2021 का एक पत्र शोशल मीडिया पर जम कर वाइरल हुआ था जिसकी खबर भी प्रकाशित हुई थी 
सवायजपुर विधायक द्वारा यह पत्र चुनाव आयुक्त को मतगणना को एक महीने आगे बढ़ाने के संबंध में लिखा गया था वही दूसरी तरफ पत्र लिखने के कुछ घण्टो बाद ही विधायक जी के सगे छोटे भाई पूर्व ब्लाक प्रमुख धीरेंद्र प्रताप सिंह उर्फ सेनानी जिला पंचायत भरखनी द्वितीय से भाजपा समर्थित प्रत्यासी देवब्रत सिंह कुशवाहा के एजेंट बन गए है
विधायक जी द्वारा पत्र लिखने के कुछ ही घण्टो बाद सगे छोटे भाई धीरेंद्र प्रताप सिंह का एजेंट बन जाना सत्ताधीश के दोहरे चरित्र को उजागर करता है।सवायजपुर विधायक के भाई के एजेंट बनने से अब कई सवाल खड़े हो गए है।
क्या महज वाहवाही पाने के लिए ही पत्र को लिख कर शोशल मीडिया पर वायरल कराया गया और पत्र को चुनाव आयुक्त तक भेजा भी गया है या पत्र को लिखकर किसी रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया या वास्तव में विधायक जी कॅरोना को लेकर चिंतित है यह सबसे बड़ा सवाल है।
 इस प्रकरण से अब तो विधायक जी के पत्र की विश्वनीयता पर भी सवाल खड़े हो गए है।वही दूसरी तरफ कई प्रत्यासियों ने धीरेंद्र प्रताप सिंह के एजेंट बनने पर आपत्ति जताई है और लिखित शिकायत भी की है