30 साल बाद हुई कानूनी कार्यवाही सरकार बदली समय बदला 

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हरदोई

मोहित गुप्ता की रिपोर्ट

हरदोई-जनपद नाजिम प्रधान की हार का प्रमुख कारण निजामपुर में ब्याप्त भ्रष्टाचार की खबरों का प्रमुखता से प्रकाशन होना रहा।उस कलम की ताकत ने सत्ता छीन ली जिस कलम को अपने प्रभाव में लेने के लिए फर्जी खबर प्रकाशन करने का नोटिस नाजिम खान ने भेज दिया था।
वर्षो वर्ष बाहरी लोगों के वोट मतदाता सूची में बने रहे और सत्ता के दवाब में ब्यूरोक्रेसी की इतनी हिम्मत नही हुई कि वो वोट काट पाते।
सरकार बदली समय बदला भ्रष्टाचार की शिकायत हुई और खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई सतीस वर्मा ने लगन के साथ वोट कटवाए और भ्रष्टाचार पर कार्यवाही कराने को लेकर उच्च न्यायालय पहुँच गए।
समाचार पत्र में निजामपुर का भ्रष्टाचार प्रकाशित होने लगा जिस कारण जनता जागरूक हुई पूर्व की भांति इस बार भी शिकायतकर्ता पर झूठा मुकदमा दर्ज करा कर भ्रष्टाचार के खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने का प्रयास किया गया लेकिन उच्च स्तरीय अधिकारियों के दखल के बाद थानाध्यक्ष की निष्पक्ष जांच में नाजिम को मुह की खानी पड़ी।जनता में नाजिम का डर खत्म होने लगा तो धमकी देने का शिलशिला शुरू हुआ लेकिन डिजिटल युग मे सब मोबाइल में कैद हो गया जिसकी खबर प्रमुखता से प्रकाशित हुई।खबर प्रकाशन के बाद नाजिम के भांजे व सगे भाई पर 30 साल में पहली बार कानूनी कार्यवाही हुई।
चुकी समाचार पत्रों में निजामपुर का भ्रष्टाचार लगातार प्रकाशित हो रहा था जिस कारण जनता में नाजिम प्रधान का डर खत्म होने लगा और जब सतीश वर्मा ने प्रधान पद के लिए अपनी दावेदारी ठोक दी तो जनता ने जुल्म व अन्याय व भ्रष्टाचार के खिलाफ मतदान किया और अन्तोगत्वा नाजिम खान का समर्थित प्रत्यासी चुनाव हार गया।
स्थानिय लोगो के अनुसार नाजिम ने जम कर भ्रष्टाचार किया व लोगो को प्रताड़ित किया जिस कारण जब उन्हें बेहतर विकल्प मिला तो जनता ने नाजिम खान को नकार दिया व सतीस वर्मा की पत्नी को प्रधान चुन लिया
अब आने वाला समय बताएगा कि सतीस वर्मा ने भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज सिर्फ प्रधान बनने के लिए उठाई थी या वास्तव में वह भ्रष्टाचार के खिलाफ जो कानूनी लड़ाई शुरू की थी उसे अंत तक ले जाएंगे यह बड़ा सवाल है