विकास भवन में कर्मचारी ने किया आत्मदाह का प्रयास

देवेश कटियार की रिपोर्ट कानपुर– विकास भवन में जिला ग्राम विकास विभाग के परियोजना निदेशक के चालक ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बकाया भुगतान न मिलने पर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पकड़ा और हाथ से मिट्टी के तेल का डिब्बा छीन लिया। सोमवार दोपहर 2:15 बजे के आसपास
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विकास भवन में कर्मचारी ने किया आत्मदाह का प्रयास

देवेश कटियार की रिपोर्ट

कानपुर– विकास भवन में जिला ग्राम विकास विभाग के परियोजना निदेशक के चालक ने हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी बकाया भुगतान न मिलने पर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने पकड़ा और हाथ से मिट्टी के तेल का डिब्बा छीन लिया।

सोमवार दोपहर 2:15 बजे के आसपास चालक श्याम दुबे मिट्टी का तेल लेकर विकास भवन मनरेगा कार्यालय के सामने पहुंचे और आरोप लगाया की अफसर हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी 2001 से बकाया भुगतान और स्केल नहीं दे रहे हैं। यह कहकर मिट्टी का तेल डालकर खुद को आग लगाने की बात कर्मचारियों से कही। मौके पर मौजूद पशु विभाग के कर्मचारी महेश और अन्य चालकों ने पकड़ लिया और इसकी जानकारी आला अफसरों को दी। इसी बीच इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो मौके पर नवाबगंज की पुलिस भी पहुंच गई। पीडी केके पांडेय ने बताया कि हाईकोर्ट के आदेश पर 2010 में स्थायीकरण करके इसी दिन से सुविधा देने को कहा गया था। इस पर चालक कोर्ट चला गया। कोर्ट से 1988 से परमानेंट करने को कहा था, लेकिन बाद में कोर्ट ने 2001 से कर दिया। यह आदेश फरवरी के अंत में आया। इसी बीच लाकडाउन लग गया, इसका निस्तारण कराया जा रहा है।