कोबिट से बचने हेतु हाथों की स्वच्छता जरूरी डीपी-एम

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अमेठी

राम कैलाश पटेल की रिपोर्ट

जनपद अमेठी

4 मई 2021। जनपद में कोबिड महामारी से बचने हेतु स्वच्छता अपनाना होगा इसके लिए कोविड की गाइड लाइन का पालन करना जरूरी है, अगर हाथों की स्वच्छता ठीक तरीके से न की जाए तो कोविड की जद में आने का खतरा बना रहता है। इस हेतु सुमन-के फार्मूला कोविड से बचाने में हिट हो गया है ।  इस नियम को याद रखना चाहिए कि इस समय अगर कोई भी चीज छुएं तो हाथों को तुरंत साफ कर लें। हाथों को साबुन पानी से धुलें और अगर साबुन पानी मौजूद नहीं है तो 70 फीसदी एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर से साफ़ कर लें।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के जिला कम्यूनिटी प्रोसेस मैनेजर बसन्त राय ने बताया कि सुमन-के फार्मूला से ऐसे धुलना है,एस- सीधा हाथ,यू- उल्टा हाथ,एम- मुट्ठी, ए- अंगूठा, एन- नाखून, के- कलाई, असुरक्षित स्पर्श से कोविड प्रसार का खतरा रहता है, इसलिए विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। अगर कोविड वायरस किसी व्यक्ति, वस्तु या सतह पर मौजूद है, तो उसे स्पर्श करने से वायरस छूने वाले के हाथों में भी आ जाता है। ऐसे में वायरस से बीमार होने से बचने के दो उपाय हैं। सबसे पहला, महत्वपूर्ण व अनिवार्य उपाय यह है कि हाथों को सेनेटाइज कर लें या फिर साबुन-पानी से 60 सेकेंड तक धुलें। दूसरा उपाय यह है कि किसी भी सूरत में हाथों से आंख, नाक और मुंह को न छुएं।

उन्होंने बताया कि हाथों की सिर्फ एक बार स्वच्छता से कार्य नहीं चलेगा। जितनी बार कोई चीज छुएंगे उतनी बार सफाई आवश्यक है। अगर बाजार से आई कोई चीज छू रहे हैं, अपना मॉस्क उतार रहे हैं, अपने कपड़े उतार रहे हैं, अपने ही शरीर का कोई भाग छू रहे हैं या कोई भी चीज छू रहे हैं तो हाथों की स्वच्छता अवश्य करें। यह नियम मॉस्क के इस्तेमाल और दो गज दूरी के नियम के साथ आवश्यक तौर पर पालन किया जाना चाहिए। उनका कहना है कि सभी लोगों को घर से बाहर निकलते समय पॉकेट हेंड सेनेटाइजर अवश्य लेकर चलना चाहिए। उन्होंने बताया कि

हाथों की स्वच्छता के और भी फायदे हैं जैसे गैस की बीमारी और 21 प्रतिशत साँसो से संबन्धित बीमारियों से बचा जा सकता है। वही साबुन और पानी से हाथ धुलना डायरिया से जुड़ी बीमारियों को 50 प्रतिशत तक कम कर सकता है।