रीता बहुगुणा जोशी समेत 5 लोगों को MP/MLA कोर्ट ने ठहराया दोषी, इस बड़े मामले में अदालत ने की कार्रवाई

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शशांक तिवारी की रिपोर्ट

लखनऊ-शुक्रवार को प्रयागराज से भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी को एमपी एमएलए कोर्ट ने एक मामले में दोषी करार दिया. दरअसल, पूरा मामला साल 2012 का है. तब राज्य में विधानसभा चुनाव होने वाले थे. रीता बहुगुणा जोशी कांग्रेस के टिकट पर मैदान में थी. मतदान के पहले जब उनके निर्वाचन क्षेत्र में आचार संहिता लगी हुई थी. उस दौरान प्रचार का समय समाप्त हो जाने के बाद भी मौजूदा भाजपा सांसद चुनाव प्रचार कर रही थीं।
इसी मामले को लेकर राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर थाने में रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ स्टैटिक मजिस्ट्रेट मुकेश चतुर्वेदी ने मुकदमा दर्ज कराया था. 17 फरवरी 2012 को अचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ। वहीं 11 मार्च 2012 को इस मामले में विवेचक रामसहाय द्विवेदी ने प्राथमिकी को अंतिम रूप देते हुए आरोप पत्र दाखिल किया था।
इसके बाद एमपी/एमएलए अदालत ने 20 अक्टूबर को भाजपा सांसद रीता बहुगुणा जोशी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने का आदेश दिया था,मामले में सुनवाई के दौरान रीता बहुगुणा जोशी के वकील ने अदालत में मौजूद गवाह के इसे लेकर कोई जिरह नहीं की. इसके बाद विशेष एसीजेएम अम्बरीश कुमार श्रीवास्तव ने सांसद रीता बहुगुणा जोशी की ओर से दी गई हाजिरी माफी अर्जी को खारिज कर दिया और सुनवाई के लिए नई तारीख दी थी।
बहरहाल, चुनाव आचार संहिता उल्लंघन मामले में एमपी एमएलए कोर्ट ने रीता बहुगुणा जोशी समेत और पांच लोगों को दोषी ठहराया है,कोर्ट ने रीता बहुगुणा जोशी, मनोज चौरसिया, राम सिंह, संजय यादव, प्रभा श्रीवास्तव को भी दोषी करार दिया है, सभी दोषियों को छह महीने तक जिला प्रोबेशन अधिकारी की निगरानी में रहने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा जिला प्रोबेशन अधिकारी के समक्ष 20-20 हज़ार रुपए की दो जमानत शर्तें भी रखीं हैं,साथ ही कोर्ट ने इतनी ही राशि के दो निजी मुचलके दाखिल करने का भी आदेश दिया है।