खटीक के बाद अब योगी सरकार के एक और मंत्री ने  जताई नाराजगी

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प्रधान संपादक की रिपोर्ट

ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की तैयारियों के बीच औद्योगिक विकास विभाग के राज्यमंत्री जसवंत सैनी की नाराजगी सामने आई है। उन्हें इस बात का मलाल है कि औद्योगिक विकास विभाग के मंत्री नंद गोपाल नंदी की विभागीय बैठकों में उन्हें अक्सर नहीं बुलाया जाता है। इस बाबत औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने अपने विभाग के सभी अधिकारियों को पत्र लिख कर राज्यमंत्री को बैठकों में बुलाए जाने के निर्देश दिए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले जलशक्ति विभाग के राज्यमंत्री दिनेश खटीक ने आरोप लगाए थे कि उनके कैबिनेट मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने उन्हें कामकाज नहीं दिया है और उन्हें बैठकों में नहीं बुलाया जाता। उनकी नाराजगी भरा पत्र वायरल होने और उनके द्वारा इस्तीफा राज्यपाल को भेजने के चलते सियासी संकट पैदा हो गया था। इसके बाद एक अन्य मंत्री द्वारा अपने विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया था। इस नए विवाद ने एक बार फिर कैबिनेट मंत्रियों की मनमानी की पोल खोल दी है। वहीं अधिकारियों द्वारा उन्हें तवज्जो न देने की बात भी सामने आ रही है।
अरविंद कुमार ने पत्र मे लिखा है कि यह देखने में आ रहा है कि औद्योगक विकास मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली बैठकों में राज्यमंत्री औद्योगिक विकास विभाग को नहीं बुलाया जा रहा है। जिस पर मंत्री द्वारा अप्रसन्नता व्यक्त की गई है। भविष्य में औद्योगिक विकास मंत्री की बैठकों में राज्यमंत्री को आमंत्रित किया जाना सुनिश्चित करें। सभी औद्योगिक विकास प्राधिकरणों के सीईओ से भी कहा गया है कि वह कैबिनेट मंत्री के स्तर पर होने वाली बैठक में राज्य मंत्री को अवगत कराएं। असल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा कैबिनेट मंत्रियों व राज्यमंत्रियों के बीच समन्वय व संवाद पर खासा जोर दिया जाता रहा है। फिर भी कुछ राज्यमंत्री अपनी उपेक्षा से असहज दिखते हैं। खास बात यह कि भाजपा ने योगी सरकार दुबारा बनने पर जसवंत सिंह को पहले मंत्री बनाया, और फिर एमएलसी बना दिया। वह भाजपा के पुराने कार्यकर्ता रहे हैं। जसवंत सैनी औद्योगिक विकास विभाग के साथ साथ संसदीय कार्य विभाग में भी राज्य मंत्री हैं।