स्वीमिंग पूल और कोचिंग संस्थान बंद, उत्तराखंड में रात साढ़े 10 से सुबह पांच बजे तक रहेगा नाइट कर्फ्यू।

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स्वीमिंग पूल और कोचिंग संस्थान बंद, उत्तराखंड में रात साढ़े 10 से सुबह पांच बजे तक रहेगा नाइट कर्फ्यू।
देहरादून: उत्तराखंड सरकार ने लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण को देखते अब पूरे राज्य में रात्रि कफ्र्यू लागू कर दिया है। अभी यह व्यवस्था देहरादून नगर निगम क्षेत्र में ही थी। मुख्यसचिव ओमप्रकाश द्वारा जारी नई गाइडलाइन के अनुसार प्रदेश के सभी कोचिंग संस्थान, स्वीमिंग पूल और स्पा पूरी तरह बंद रहेंगे। सिनेमा हाल, रेस्टोरेंट व जिम 50 फीसद क्षमता से संचालित होंगे। इसके साथ ही बस, विक्रम, आटो आदि सार्वजनिक वाहन 50 फीसद यात्री क्षमता के साथ संचालित किए जाएंगे। यह व्यवस्था शुक्रवार से लागू हो जाएगी। 
गुरुवार को मुख्य सचिव ओमप्रकाश द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार सभी धार्मिक, राजनीतिक एवं सामाजिक आयोजन तथा विवाह में अधिकतम 200 व्यक्ति ही शामिल हो सकेंगे। हालांकि, कुंभ मेला क्षेत्र में यह प्रतिबंध अभी प्रभावी नहीं किया गया है। यहां कुंभ को लेकर 26 फरवरी को जारी गाइडलाइन ही प्रभावी रहेगी। नई गाइडलाइन के अनुसार पूरे राज्य में रात्रि 10:30 बजे से सुबह पांच बजे तक लागू होने वाले कफ्र्यू के दौरान व्यक्तियों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इस दौरान केवल उन औद्योगिक संस्थानों के कर्मचारियों को छूट मिलेगी, जिनका कार्य कई शिफ्ट में चलता है।
राष्ट्रीय व राज्य राजमार्गों पर केवल आपातकालीन स्थिति में ही आवाजाही की जा सकेगी। बसों, ट्रेन और हवाई जहाज से उतरने के बाद अपने गंतव्य को जाने वाले यात्रियों के साथ ही विवाह समारोह के लिए बैंक्वेट हाल, सामुदायिक हाल और विवाह समारोह से संबंधित व्यक्तियों व वाहनों को निर्धारित प्रतिबंधों से छूट प्रदान की जाएगी। कंटेनमेंट जोन और माइक्रो कंटेनमेंट जोन में सारी गतिविधियां प्रतिबंधित की गई हैं।
गाइडलाइन में 65 साल से अधिक आयु, गंभीर बीमारी से ग्रस्त मरीजों, गर्भवती महिलाओं और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को आवश्यक होने अथवा स्वास्थ्य संबंधी कार्यों के लिए ही घर से बाहर निकलने की सलाह दी गई है। इसके अलावा राज्य के सभी निवासियों व पर्यटकों से सार्वजनिक व कार्य स्थलों पर अनिवार्य रूप से मास्क पहनने तथा शारीरिक दूरी के नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि आदेशों का उल्लंघन करने वालों के लिए महामारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने समेत अन्य कड़ी कार्रवाई की जाएगी।