देश में मंडरा रहा है कोरोना की तीसरी लहर का खतरा, वीकेंड और नाईट कर्फ्यू का कोई मतलब नहीं- डॉ रणदीप गुलेरिया

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छत्तीसगढ़

दीपक साहू की रिपोर्ट

नई दिल्ली: एम्स के डायरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि इस समय में नाइट कर्फ्यू और वीकेंड लॉकडाउन लगाने का कोई फायदा नहीं है. इसी के साथ उन्होंने ये भी कहा है कि हो सकता है भारत को कोरोना की तीसरी लहर का सामना भी करना पड़े.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक डॉक्टर रणदीप गुलेरिया ने कहा कि अगर कोरोना महामारी अगर आगे भी ऐसे ही बढ़ती रही और इम्यून एस्केप मैकेनिज्म विकसित करने में सफल हो गई तो हो सकता है कि भारत को कोरोना की तीसरी लहर का सामना भी करना पड़े.

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा है कि अगर वायरस के संक्रमण को रोकना है तो पर्याप्त अवधि के लिए लॉकडाउन की जरूरत है.

रिपोर्ट के मुताबिक गुलेरिया ने कहा, ”इस वक्त तीन चीजें देखने की जरूरत है. अस्पतालों के बुनियादी ढांचे में सुधार करना, कोरोना के मामलों को रोकना और टीकाकरण अभियान तेजी से चलाना. हमें संक्रमण की चेन को तोड़ना पड़ेगा. अगर हम लोगों के क्लोज कॉन्टैक्ट को कम करने में कामयाब होते हैं तो कोरोना के मामले भी कम हो जाएंगे.

डॉक्टर गुलेरिया ने कहा है कि इस समय वीकेंड कर्फ्यू और नाइट कर्फ्यू लगाने का कोई मतलब नहीं है. लॉकडाउन एक पर्याप्त समय के लिए लगाना होगा. एम्स डायरेक्टर ने आगे कि अगर वायरस ऐसे ही विकसित होता रहा को भारत में कोरोना की तीसरी लहर भी आ सकती है. हमें ये समझने की जरूरत हैं कि लोगों को इम्यूनिटी देने के लिए हम उन्हें कितनी जल्दी वैक्सीन दे सकते हैं. और दूसरा ये समझना होगा कि वायरस कैसे बदलता है.

वहीं दूसरी ओर कोरोना महामारी के खिलाफ जारी देश की जंग में टीकाकरण की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है. जानकारी के मुताबिक अब तर कुल 15.89 करोड़ लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है जिसमें से 17,08390 डोज 3 मई को दी गईं.

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक 12 राज्यों से 18-44 साल की उम्र के 4,06339 लोगों कोरोना की पहली डोज ले चुके हैं. इन 12 राज्यों में छत्तीसगढ़ (1,025), दिल्ली (40,028), गुजरात (1,08,191), हरियाणा (55,565), जम्मू और कश्मीर (5,587), कर्नाटक (2,353), महाराष्ट्र (73,714), ओडिशा (6,802), पंजाब (635) , राजस्थान (76,151), तमिलनाडु (2,744) और उत्तर प्रदेश (33,544) है.