कोरोना संक्रमण से हुए मृत परिवारों के दर्द एवं मर्म से समाज शिक्षा लें

 | 
कोरोना संक्रमण से हुए मृत परिवारों के दर्द एवं मर्म से समाज शिक्षा लें

अनूप दुबे की रिपोर्ट

छतरपुर- जिला कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण में पाया गया कि कोरोना वार्ड (केन्द्र) के आसपास उपचार लाभ लेने के लिए भर्ती कोरोना संक्रमित मरीज के परिजन अनावश्यक रूप से वहां मौजूद हैं। उनके उपस्थित होने से उन्हें भी कोरोना संक्रमण होने तथा समाज के दूसरे लोगों तक भी कोरोना संक्रमण पहुंचने का अंदेशा बना रहता है।
इसीलिए कोरोना संक्रमित परिजनों को सलाह दी गई है कि वह न तो कोरोना केन्द्र और न ही कोरोना मरीज के पास नहीं जाएं और खुद को सुरक्षित रखें। बे लगाम होते कोरोना संक्रमण के प्रभाव को कम करने के लिए बीते दिवस खजुराहो-राजनगर की समीएं सीलबंद की गई हैं ताकि मानवीय जीवन की सुरक्षा हो सके । यह स्थिति जिले में और कहीं नहीं निर्मित हो इसके लिए हम सभी को और अधिक सर्तक होना होगा । कोरोना संक्रमण से हुए मृत परिवारों के दर्द एवं मर्म से समाज शिक्षा लें कोरोना संक्रमण से मृत हुए व्यक्तियोें के परिवारों के दर्द एवं मर्म से तथा ऐसे व्यक्ति जिन्हें कोरोना संक्रमण हुआ है उस परिवार के दर्द, पीड़ा एवं व्यथा से समाज के दूसरे व्यक्ति शिक्षा लें और सजग बनें। यह घातक बीमारी है, जो धीरे-धीरे बढ़कर आपदा बन रही है। इसे रोकने के लिए केवल और केवल घर पर रहना ही सबसे बड़ी समझदारी होगी। जो लोग आज कोरोना संक्रमण से पीड़ित नहीं हैं और इसके घातक प्रभाव को कमतर समझ रहे हैं वह भी लापरवाही करने, मास्क नहीं पहनने, यहां-वहां घूमने के कारण कोरोना संक्रमण से कभी भी पीड़ित हो सकते हैं। समाज के प्रबुद्ध एवं जागरूक नागरिकों, परिवार के मुखिया की जिम्मेदारी है कि एक-दूसरे के मानवीय जीवन को सुरक्षित रखने के लिए मोबाइल के जरिए लोगों को जागरूक करें यह काम घरोें पर रहकर सुरक्षित रूप से किया जा सकता है इसके लिए बाहर नहीं निकलें। कंटेनमेंट क्षेत्र से बाहर नहीं निकलें , इसी तरह कंटेनमेंट क्षेत्र में जिनके घर हैं ऐसे व्यक्ति भी कंटेनमेंट जोन से बाहर नहीं निकलेें। उनके बाहर निकलने से दूसरे लोगों को भी कोविड संक्रमण फैलने का खतरा होता है। इसीलिए कोविड पीड़ित केन्द्र के परिजन तथा कंटेनमेंट क्षेत्र के व्यक्ति कहीं भी नहीं घूमें और खुद को सुरक्षित रखते हुए समाज के दूसरे व्यक्तियों को सुरक्षित रखने में मदद करें, जो व्यक्ति उल्लंघन करते हुए पाया जाएगा उनके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी ।  मेरा घर, मेरी सुरक्षा
छतरपुर शहर सहित जिले में भी कोरोना का संक्रमण दिन-प्रतिदिन बढ़ रहा है। कोरोना की रोकथाम के लिए जरूरी है कि इसके विस्तार की चेन को तोड़ा जाए। इसीलिए जरूरी है कि हर एक व्यक्ति घर पर रहे और मास्क का उपयोग करते हुए कोरोना गाइडलाइन का पालन करें। बिना मास्क पहनने वाले व्यक्ति से बातचीत नहीं करें, घर से जब भी निकलें तब मास्क जरूर लगाएं और आवागमन करते समय कभी भी मुंह से मास्क नहीं हटाएं क्योंकि कोरोना संक्रमण वायु में मौजूद होकर मुंह और नांक के जरिए मनुष्य के शरीर में प्रवेश करता है। जरूरी है कि हम खुद को सुरक्षित रखने के लिए सजग बनें और समाज के दूसरे लोगों की भी मदद करें। यहां-वहां घूमने की प्रवृत्ति से बचें और मेरा घर, मेरी सुरक्षा, मेरा मास्क, मेरे मानव जीवन का बचाव की भावना को समझें और एक-दूसरे को सुरक्षित रखेें।