बेमौसम बारिश के साथ बर्फबारी ने   तोड़ा किसानों का कमर

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छत्तीसगढ़

योगेंद्र कुमार कश्यप की रिपोर्ट

 जांजगीर चांपा  -  मई जून के महीना में गर्मी से राहत के लिए बारिश का होना आमतौर पर राहत की सांस लेना होता है और गर्मी से बहुत राहत मिलता है और आम किसान को भी फसल में बहुत फायदा होता है बारिश से किसान भी राहत का सांस लेने लगता है।परंतु उसी बारिश के साथ बर्फबारी  हो तो सोचो कि किसानों का फसल का क्या हाल हुआ होगा जब किसान का फसल काटने का समय आ रहा था तभी बेमौसम बारिश ने बारिश के साथ  बर्फबारी आकर किसानों का फसल को बुरी तरह से बर्बाद कर दिया है।दरअसल जांजगीर जिला कृषि के नाम से तथा धान उत्पादन के लिए छत्तीसगढ़ का प्रथम जिला है यहां पर 4  5  ब्लाकों में रबी फसल लगा हुआ है जिसमें नवागढ  ब्लाक में सबसे ज्यादा फसल लगा हुआ है तथा बेमौसम बारिश के साथ बर्फबारी होने पर किसानों का फसल बुरी तरह से बर्बाद हो चुका है किसानों का फसल काटने लायक नहीं बचा है बर्फबारी के कारण किसान भी अपने आप को पूरी तरह असहाय महसूस कर रहा है क्योंकि फसल में पूरा लागत लगा चुका है लागत लगाने के बाद किसानों को प्राकृतिक आपदा का सामना करना पड़ा है तथा किसान पूरी तरह बर्बाद हो चुका है क्योंकि बेमौसम बारिश और बर्फबारी के कारण किसानों के जो धान का कण है उसमें बर्फबारी के कारण उसका कण में दूध भरने के लायक नहीं बचा है तथा धान पूरी तरह से  झड़ चुका है ।