जीवन के साज पर सरगम-सी लय, " गीत के गाड़ी"

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जीवन के साज पर सरगम-सी लय, " गीत के गाड़ी"

हेमंत कुमार साहू की रिपोर्ट

राजनांदगांव:चम्पेश्वर गोस्वामी जी के छत्तीसगढ़ी गीत संग्रह " गीत के गाड़ी" के अधिकांश गीतों की रिकॉर्डिंग हो चुकी है।प्रसारित गीतों को पुस्तक का रूप देकर गीतकार ने अपने पाठकों को अपने गीतों के और पास लाने का प्रयास किया है, इस कृति को पढ़ने के बाद पाठक गीत को हृदय में उतार पाएंगे व एक एक शब्दों का भाव के साथ आनन्द ले पाएंगे ऐसा चम्पेश्वर गोस्वामी जी का मानना है।गोस्वामी जी की अब तक लगभग 8 किताबें  प्रकाशित हो चुकी हैं साथ ही साथ लगभग 5000 से अधिक रचनाएं गीत,गज़ल व कविता के रूप में पृथक रूप से अनेक प्रिंट व इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से प्रसारित व प्रकाशित हो चुके हैं,आकाशवाणी,दूरदर्शन के  कई कार्यक्रम में संचालन करते हुए अभी जय जोहार चैनल में बतौर प्रस्तोता उनके  कार्यक्रम जोहार पहुना व जोहार सितारा को लोग बहुत पसंद कर रहे हैं.

लेखन के क्षेत्र में सक्रियता को देखते हुए चम्पेश्वर जी को विद्यावाचस्पति,विद्यासागर जैसे कई सम्मान भी मिल चुके हैं ..लेखन के क्षेत्र में चम्पेश्वर गोस्वामी जी की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बन चुकी है.... लेखक,कवि,गीतकार, स्तंभकार, फ़िल्म समीक्षक, पटकथा, संवाद लेखक  आदि के रूप में स्थापित गोस्वामी जी के अनेक गीत फ़िल्म व एलबम के माध्यम से कई म्यूजिक कम्पनी से लगातार आ रहे हैं, वर्तमान में हिंदी फिल्म का पटकथा,संवाद व गीत भी लिख रहे हैं,लेखन की अनेक विधाओं में परिपक्व लेखन करते हुए इनकी अनेक पुस्तकें  भी प्रकाशनाधीन हैं जिन्हें चम्पेश्वर गोस्वामी जी कई बहुचर्चित प्रकाशन संस्थान से प्रकाशित करने के लिए लगातार अपनी तैयारी में लगे हुए हैं ।