30 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाई जान, 87 लोगों के लिए फरिश्ता बनकर आया बीआरओ

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30 घंटे चले रेस्क्यू ऑपरेशन में बचाई जान, 87 लोगों के लिए फरिश्ता बनकर आया बीआरओ

मनाली। दो दिन से भारी बर्फबारी और बर्फ़ीली हवाओं का सामना करते हुए जिंदगी व मौत के बीच जूझ रहे 87 लोगों के लिए बीआरओ फरिश्ता बनकर आया है। मंगलवार सुबह दारचा से निकले डेढ़ सौ ट्रक चालक तो बीआरओ व लाहुल स्पीति पुलिस की मदद स सुरक्षित सरचू पहुंच गए लेकिन दोपहर बार दारचा से लेह के लिये रवाना हुए 40 के लगभग ट्रक व छोटे वाहन भारी बर्फबारी शुरू होने से बारालाचा में ही फंस गए। 17 लोग बारालाचा के उस पार भरतपुर की ओर फंसे जबकि अधिकतर बारालाचा दर्रे में फंस गए। बीआरओ ने 17 लोगों को रेस्क्यू कर बारालाचा की ओर लाया लेकिन भारी बर्फबारी के कारण रात को रेस्क्यू कार्य रोकना रोकना पड़ा।

दो असफल प्रयासों के बाद बीआरओ ने बुधवार शाम चार बजे बुलंद होंसलों के साथ रेक्सयू ऑपरेशन शुरु किया। भारी बर्फ बारी व बर्फ़ीली हवाएं बीआरओ की राह में दिक्कतें पैदा करती रही लेकिन बीआरओ के जवानों ने जान जोखिम में डाल रेस्क्यू अभियान जारी रखा। अंततः आज सुबह पांच बजे बीआरओ का रेस्क्यू ऑपरेशन सफर रहा और 87 लोगों को जिनमें दो महिलाएं और चार बच्चे शामिल हैं सभी को जिंगजिंगबार कैम्प पहुंचाया।

बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि दो प्रयास असफल रहने के बाद बीआरओ के जवान चिंतित हो उठे लेकिन फंसे लोगों की हालत खस्ता होती देख जवानों ने फिर स हिम्मत की और बुधवार चार बजे फिर से रेस्कयू ऑपरेशन चलाया। रात भर राक्यू ऑपरेशन चलता रहा और सुबह पांच बजे बीआरओ सभी 87 लोगों  को बारालाचा दर्रे से सुरक्षित जिंगजिंगबार कैंम्प पहुंचाया। इनमें दो लोगों की हालत खराब है जिन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया है। उन्होंने सभी वाहन चालकों से आग्रह किया कि लेह जाने आने वाले वाहन चालक मौसम व सड़क की हालत सुधरने का इंतजार करें।