जन सहायक हेल्प मी मोबाइल एप से घर बैठे ही मिलेगी सारी सुविधा

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट फरीदाबाद हरियाणा। वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में फरीदाबाद जिला प्रशासन ने एक ऐसी ऐप तैयार की है।जिसे हरियाणा सरकार ने प्रदेश स्तर पर लांच किया है। यह ऐप हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक प्रदीप दहिया, अंडर ट्रेनिंग एचसीएस अधिकारी देवेंद्र सिंह, जयप्रकाश व अंडर ट्रेनिंग तहसीलदार निखिल
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जन सहायक हेल्प मी मोबाइल एप से घर बैठे ही मिलेगी सारी सुविधा

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट

फरीदाबाद हरियाणा।  वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन में फरीदाबाद जिला प्रशासन ने एक ऐसी ऐप तैयार की है।जिसे हरियाणा सरकार ने प्रदेश स्तर पर लांच किया है। यह ऐप हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण के प्रशासक प्रदीप दहिया, अंडर ट्रेनिंग एचसीएस अधिकारी देवेंद्र सिंह, जयप्रकाश व अंडर ट्रेनिंग तहसीलदार निखिल ने मिलकर इस ऐप को तैयार किया है। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस ऐप को बनाने के लिए उपायुक्त यशपाल सहित सभी अन्य अधिकारियों के प्रयासों की प्रशंसा भी की है।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि जनसहायक हेल्प मी मोबाइल एप्लीकेशन से भोजन, मेडिकल हेल्प, आश्रय, एजुकेशन, बैंकिंग, मंडी में फसल बेचने, स्वयं सेवक के कार्य के लिए आगे आना, दान, पारिश्रमिक मिलने में परेशानी आदि करीब 12 सेवाएं आसानी से एक क्लिक पर आपके स्मार्ट फोन पर उपलब्ध होंगी। यह गूगल प्ले स्टोर पर आसानी से डाउनलोड होने वाला यह एप बेहद उपयोगी है, बल्कि घर बैठे आपकी कई परेशानियों का आसानी से समाधान करने में भी सक्षम है।
उपायुक्त यशपाल ने बताया कि हरियाणा राज्य ने कोविड -19 के संकट के दौरान सरकारी सेवाओं को प्रदान करने और हरियाणा राज्य के नागरिकों को सुविधा प्रदान करने के लिए जन सहायक हेल्प मी नाम से एक मोबाइल ऐप बनाया गया है। फिलहाल इस ऐप पर 12 तरह की सेवाएं व सहायता आम लोगों को मिलेंगी। कोई भी नागरिक प्ले स्टोर पर जाकर इस ऐप को डाउनलोड कर सकता है। जिला के नागरिकों को यह एप अधिक से अधिक डाउनलोड करना चाहिए। यह एक इंटीग्रेटेड ऐप है जो नागरिकों को एक ही डिजिटल प्लेटफार्म पर सभी आवश्यक सुविधाएं प्रदान करेगा।
इस एप की ओर खास बात यह है कि यह जियो टैग आधारित है। संबंधित जिले के उपायुक्त अपने कंप्यूटर के माध्यम से डैशबोर्ड पर नजर रखेंगे, जिसके माध्यम से वे सारी स्थिति जान सकते है तथा अपने अधिकारियों को दिशा निर्देश दे सकते है।
ऐसे करें एप में खुद को पंजीकृत
प्ले स्टोर से एप डाउनलोड करने के उपरांत नागरिक को पहले मोबाइल फोन नंबर और ओटीपी के साथ खुद को पंजीकृत करना है। एक बार पंजीकरण होने के बाद नागरिक सेवाओं का उपयोग करते सकते हैं। उन्होंने बताया कि इस ऐप के माध्यम से नागरिक जरूरत के अनुसार एलपीजी सिलेंडर, एम्बुलेंस, डॉक्टर, ई-पास, बैंक यात्रा बुक करने, सूखा राशन, पका हुआ भोजन आदि के लिए अनुरोध कर सकता है। अनुरोध प्राप्त होने पर उसे एसएमएस भेजा जाएगा और उसे निर्धारित समय पर सेवा मिलेगी।
जनसहायक हेल्प मी एप से मिलेंगी ये प्रमुख सेवाएं
1.भोजन के लिए अनुरोध – नागरिक आवश्यकता के अनुसार पका हुआ भोजन या सूखा राशन की मांग कर सकते हैं। मोबाइल ऐप डेटाबेस के साथ जांच करता है और अगर नागरिक का किसी भी राज्य डेटाबेस में नाम नहीं मिलता है तो वह एक राशन टोकन मिलेगा और उसके निकटतम उचित मूल्य की दुकान पर मैप किया जाएगा। यह तो कम केवल 3 महीने के लिए मिलेगा। नागरिक उचित मूल्य की दुकान पर जाकर इसे दिखा सकता है और ओपीएच (बीपीएल के अलावा अन्य प्राथमिकता वाले घरों) के समान राशन मुफ्त में प्राप्त कर सकता है। पके हुए भोजन के मामले में इसका मूल्यांकन किया जाएगा और अगर प्रार्थी वास्तव में इसके लायक है तो जिला प्रशासन या सामाजिक संगठनों के माध्यम से नागरिक तक पहुंचाया जाएगा।
2. डॉक्टर से परामर्श – नागरिक जब मोबाइल ऐप में डॉक्टर टैब को टेलीमेडिसिन हेल्पलाइन पर जाता है तो डॉक्टर उसे जवाब देगा। डॉक्टर की सलाह के अनुसार नागरिक अपना इलाज करवा सकता है।
3. आश्रय की आवश्यकता – नागरिक किसी भी राहत शिविर में आश्रय के लिए अनुरोध करेगा तो उसे नजदीकी राहत शिविर में भिजवा दिया जाएगा।
4. वित्तीय सहायता – नागरिक वित्तीय सहायता भी मांग सकता है। आधार कार्ड के आधार पर मौजूदा डेटाबेस के साथ मोबाइल ऐप की जांच होगी और अगर नागरिक को पहले कोई वित्तीय लाभ नहीं मिला है तो नागरिक पंजीकरण कर सकता है और पात्रता की जांच के बाद आवेदन पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
5. मजदूरी न मिलने की शिकायत – नागरिक नियोक्ताओं से पारिश्रमिक / मासिक मजदूरी का भुगतान न करने के संबंध में शिकायत दर्ज कर सकते हैं। आवश्यक कार्यवाही के लिए जिला श्रम अधिकारी को भेजा जाएगा।
6. ई-खरीद (गेहूं / सरसों) – किसान इस ऐप का उपयोग करके किसी भी मंडी में अपनी फसल की उपज बेचने के लिए एक स्लॉट (समय) बुक कर सकते हैं। इससे मंडियों में सोशल डिस्टेंस बनाए रखने में मदद मिलेगी।
7. बैंक यात्रा बुक करें – यह नागरिकों को bankslot.haryana.gov.in पर ले जाएगा। इसके माध्यम से नागरिक डाक बैंक सेवा के माध्यम से बैंक स्लॉट (नकद जमा / निकासी सीमित राशि) या घर पर नकद वितरण के लिए अनुरोध कर सकते हैं।
8. ई पास – नागरिक किसी भी आवश्यक सेवा जैसे चिकित्सा कारणों, परिवार में मृत्यु आदि के लिए ई-पास के लिए अनुरोध कर सकते हैं। उद्योगों और दुकानों के लिए पास की सुविधा भी उपलब्ध है।
9. स्वयंसेवक – जो कोई भी अपने संसाधनों व श्रम का योगदान करके लोगों की मदद करना चाहता है वह पंजीकरण कर सकता है और सरकार उनकी प्रतिभा का सही उपयोग करेगी।
10. हरियाणा कोरोना रिलीफ फंड – सरकार को दान देना आसान किया गया है।
11. भोजन व राशन का दान करें – यदि कोई भी परिवार अन्य जरूरतमंद व्यक्तियों के लिए पका हुआ भोजन या राशन उपलब्ध कराने में रुचि रखता है तो वे अपना योगदान दर्ज करवा सकते हैं।
12 . शिक्षा अथवा ई-लर्निंग – इच्छुक छात्र स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास के लिए सीखने के संसाधन का भी उपयोग कर सकते हैं। फरीदाबाद हरियाणा से प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट।