मां नागेश्वरी राजमिस्त्री मजदूर कल्याण समिति कुम्हारी द्वारा सभी मजदूरों को मजदूर दिवस की  दी गई बधाई

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मां नागेश्वरी राजमिस्त्री मजदूर कल्याण समिति कुम्हारी द्वारा सभी मजदूरों को मजदूर दिवस की दी गई बधाई
हरिश साहू की रिपोर्ट
 गौरेला पेंड्रा मरवाही । अन्तर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुरुआत एक मई 1886 को अमेरिका में एक आंदोलन से हुई थी। इस आंदोलन के दौरान अमेरिका में मजदूर काम करने के लिए 8 घंटे का समय निर्धारित किए जाने को लेकर आंदोलन पर चले गए थे। 1 मई, 1886 के दिन मजदूर लोग रोजाना 15-15 घंटे काम कराए जाने और शोषण के खिलाफ पूरे अमेरिका में सड़कों पर उतर आए थे। कहा जाता है कि मजदूर ही दुनिया के विकास की रीढ़ है। मजदूर ही अपने खून पसीने से दुनिया को ये आधुनिक चमक दी है।श्रम वर्ग वास्तव में ऐसा वर्ग है जिसे विभिन्न श्रमसाध्य कार्यों में शामिल होने की आवश्यकता है। समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना करने और उनकी पहचान को जानने के लिए एक खास दिन निश्चित रूप से ज़रूरी है।मजदूर दिवस का विशेष महत्‍व है और हो भी क्‍यों न? यह दिवस उन लोगों के नाम है जो इस दुनिया के विकास की रीढ़ हैं.  यह दिवस याद दिलाता है कि अगर मजदूर न होते तो आधुनिकता की जिस चमक पर हम गर्व महसूस करते हैं वह अस्तित्‍व में ही नहीं होती. यह विकास, संपन्नता और ऐशो-आराम मजदूरों की ही देन है. ऐसे में हमें मजदूर दिवस के बहाने इन कामगर मेहनतकश लोगों का कोटि-कोटि धन्‍यवाद करना चाहिए । समिति के अध्यक्ष लखन लहरे व उपाध्यक्ष रोत्तम लहरे, नंदू सिंह व कोषाध्यक्ष कमल रजक द्वारा देश के सभी मजदूरों को मजदूर दिवस की बधाई दी और मास्क लगाने तथा सोशल डिस्टेंस का पालन करने की अपील की ।