विधायक शकुंतला साहू फिर विवादों में घिरीं,ट्वीट पर गुजराती समाज ने खोला मोर्चा
विधायक शकुंतला साहू फिर विवादों में घिरीं

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विधायक शकुंतला साहू फिर विवादों में घिरीं,ट्वीट पर गुजराती समाज ने खोला मोर्चा
विधायक शकुंतला साहू फिर विवादों में घिरीं

रेशम वर्मा कि रिपोर्ट 

कसडो़ल कांग्रेस विधायक शकुंतला साहू के सोशल मीडिया में ट्वीट पर जातिगत टिप्पणी को लेकर छत्तीसगढ गुजराती समाज नाराज हो गया है। वे इसकी पुलिस में शिकायत करने जा रहे हैं। उन्होने विधायक से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने भी कहा है। एक प्रकार से कोरोना संकट के बीच सामाजिक द्वेष फ़ैलाने का यह कुंठित प्रयास हैं ।
सर्व गुजराती समाज के प्रदेश अध्यक्ष प्रीतेश गांधी ने कहा है कि जिस प्रकार सोशल मिडिया में गुजराती समाज पर टिप्पणी की गई है वह निंदनीय है,जिससे गुजराती समाज आक्रोशित है और शकुंतला साहू को अपने इस बयान पर पूरे समाज के लोगों से माफ़ी मांगनी होगी.किसी एक समाज विशेष का अपमान करते हुए सोशल मिडिया में इस प्रकार के बयान जारी करना उनकी असंवेदनशीलता को दिखाता है. वे एक जनप्रतिनिधि हैं और उन्हें इस प्रकार किसी सामाजिक भावना को ठेंस पहुँचाना शोभा नहीं देता. मैं उनके द्वारा अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखे बयान--गुजराती है उसके खून में व्यापार हैं देश को तो बेचकर ही मानेगा-- के खिलाफ पूरे गुजराती समाज की ओर से विधायक शकुंतला साहू द्वारा अपने बयान का खंडन करने और समाज के लोगों से माफ़ी मांगने की मांग करता हूँ और यदि वह ऐसा नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ पुलिस थाने में सामाजिक भावनाओं को आहत करने और अपमानित करने के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुजराती समाज के सदस्यों द्वारा शिकायत दर्ज कराई जाएगी। प्रीतेश गांधी ने आगे कहा कि गुजराती समाज देश का एक प्रतिष्ठित समाज है जिसने देश के विकास में अपना समुचित योगदान दिया है। इस समाज से कई महापुरुष, महात्मा और देशभक्त हुए हैं जिन्होंने भारतवर्ष की सेवा में अपना सम्पूर्ण जीवन न्योछावर कर दिया। विधायक शकुंतला साहू से उन्होने सवाल किया कि क्या उन सभी लोगों ने भी देश को बेचा है? लौह पुरुष सरदार पटेल  जिन्होंने देश की संप्रभुता और अखंडता को स्थापित रखने के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। स्वामी दयानंद सरस्वती  जिन्होंने देश ही नही पूरे विश्व को अध्यात्म का बोध कराया, विनोबा भावे  जिन्होंने भारत की स्वाधीनता में अग्रणी भूमिका निभाई क्या इन्होंने भी देश को बेचा है? कोरोनाकाल में छत्तीसगढ़ ही नहीं अपितु पूरे देश में गुजराती समाज अपने सेवाभावी कार्यों के माध्यम से यथासंभव सक्रिय है।