कोरोना काल में गरीब महिलाए हो रही प्रताड़ित, माइक्रो फाइनेंस एवं अन्य बैंक कर्मचारियों ने किया जीना दुश्वार

मोहन प्रसाद यादव की रिपोर्ट अनूपपुर । शहडोल शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो फाइनेंस सहित अन्य बैंक कर्मचारियों ने गरीब महिलाओं का जीना दुश्वार किए हुए हैं। कोरोना काल की मार से जनजीवन उभर नहीं पाया कि शहर के सैकड़ो माइक्रो फाइनेंस के कर्मचारियों की प्रताड़ना की शिकायत आने लगी है। वहीं कूदरी
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कोरोना काल में गरीब महिलाए हो रही प्रताड़ित, माइक्रो फाइनेंस एवं अन्य बैंक कर्मचारियों ने किया जीना दुश्वार

मोहन प्रसाद यादव की रिपोर्ट

अनूपपुर । शहडोल शहर ही नहीं ग्रामीण क्षेत्रों में माइक्रो फाइनेंस सहित अन्य बैंक कर्मचारियों ने गरीब महिलाओं का जीना दुश्वार किए हुए हैं। कोरोना काल की मार से जनजीवन उभर नहीं पाया कि शहर के सैकड़ो माइक्रो फाइनेंस के कर्मचारियों की प्रताड़ना की शिकायत आने लगी है। वहीं कूदरी ,चांपा, कोटमा, ककरहाई पोंगरी सहित सभी जिला मुख्यालय के आसपास की गांव की महिलाओं को परेशान किया जा रहा है माइक्रो फाइनेंस एवं अन्य बैंक के कर्मचारियों द्वारा घर जाकर प्रताड़ित किया जा रहा है ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि लॉकडाउन के कारण हमारे पास ना कोई रोजगार है और ना ही कोई दूसरा आय का स्रोत हमें खाने के लिए मिल नहीं पा रहा है तो हम कैसे किस्त भरे लेकिन बैंक एवं माइक्रो फाइनेंस के कर्मचारियों द्वारा किसी भी समय आ कर भला बुरा कह कर कानूनी दांव पेंच व घर के समान को उठा ले जाने की धमकी तक दे डाल रहे हैं। कहते है कि हमें पैसा चाहिए घर का समान ही बेच कर ही दो हमें चाहे जहां से पैसा पाओ पैसा चाहिए ग्रामीण महिलाओं का कहना है कि जब हम घर में अकेले हमारे पति भी नहीं रहते तभी यह आते हैं और हमसे जबरजस्ती पैसा मांगते हैं और हमारे मना करने पर हमसे बदतमीजी से पेश आते हैं। माइक्रो फाइनेंस एवं अन्य बैंक के कर्मचारियों द्वारा ग्रामीण महिलाओं को कई तरह से प्रताड़ित किया जा रहा है महिलाओं का कहना है कि शासन एवं आरबीआई के गाइडलाइंस के अनुसार 31 अगस्त तक की सभी प्रकार की किस्त में छूट है लेकिन हमें माइक्रो फाइनेंस एवं अन्य बैंक कर्मचारी बहुत ही प्रताड़ित किया जा रहा हैं।

जाने ग्रामीण महिलाओ की आप बीती

कहने के लिए गरीब जनता की समस्याओं से मौजूदा सरकार को काफी सरोकार है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। वहीं गांव की उषा बैगा का कहना है कि जब हमारे पति घर में नहीं रहते तब दिए जबरदस्ती पैसा मांगते हैं और पैसा नहीं है तो घर का सामान बेच कर दो,फूलबाई गोड़ का कहना है कि यह बैंक वाले आते हैं और हमसे जबरजस्ती पैसा मांगते हैं और पैसा नहीं है तू कोई भी घर का समान या वस्तु बेचकर हमें पैसा दो, वहीं गाव की सोना बैगा का कहना है कि हम मजदूर हैं इस लॉकडाउन के कारण हमारे पास खाने के लिए नहीं है तो हम कहां से पैसा लाकर जमा करें और ना ही हमें कोई रोजगार मिलता, इनके साथ ही ममता यादव ने भी कहा कि यह बैंक वाले आते हैं और हमसे जबरजस्ती पैसा मांगते हैं और इनका कोई टाइम नहीं रहता यह रात के समय भी पहुंच जाते हैं। इनकी मनमानी और उल्टी सीधी बातें घर पर विवाद की स्थिति बनी रहती है। ऐसे में कही कोई अप्रिय घटना के घटित होने के आसार लगने लगते हैं।