असहायों की मदद को निरंतर आगे बढ़ रहे हैं हाथ, दूरदराज तक पहुंचाया जा रहा राशन

मो० काजिरुल शेख की रिपोर्ट पाकुड़। कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों,रेहड़ी दुकानदारों की रोजी छिन ली है।इससे खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आ गया है, जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनके समक्ष उत्पन्न भोजन की समस्या के लिए रिक्शा-ठेला चालक, चाय-पान के
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असहायों की मदद को निरंतर आगे बढ़ रहे हैं हाथ, दूरदराज तक पहुंचाया जा रहा राशन

मो० काजिरुल शेख की रिपोर्ट

पाकुड़।‌ कोरोना संकट से निपटने के लिए प्रभावी लॉकडाउन ने दिहाड़ी मजदूरों,रेहड़ी दुकानदारों की रोजी छिन ली है।इससे खास तौर से उस वर्ग के लिए पेट भरने का संकट आ गया है, जो रोज दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। उनके समक्ष उत्पन्न भोजन की समस्या के लिए रिक्शा-ठेला चालक, चाय-पान के छोटे दुकानदार, फेरी करने, फुटपाथ और रेहड़ी पर दुकान लगाने वाले हजारों परिवारों के समक्ष आमदनी का कोई जरिया न होने से घर में चूल्हा जल पाना मुश्किल हो गया है।

ऐसे लोगों की मदद के लिए जिला प्रशासन ने समाजसेवी संस्थाओं एवं शहर के प्रबुद्ध लोगों से पहल की अपील की थी।इसी कड़ी में पाकुड के पत्थर व्यवसाई अली अकबर के पुत्र अजहर इस्लाम एवं मजहर इस्लाम ने इस दिशा में कदम उठाया है।गुरुवार से उन्होंने लगभग तीन हजार परिवारों के बीच एक सप्ताह का राशन देने का निर्णय लिया है।असहायों की मदद को निरंतर आगे बढ़ रहे हैं हाथ, दूरदराज तक पहुंचाया जा रहा राशन

अजहर इस्लाम लोगों के जरिए चावल, दाल,आटा,आलू सहित अन्य जरूरतों के सामान दूरदराज तक भेजने का काम कर रहे हैं।इस दौरान उन्होंने नसीपुर गांव के नयापाड़ा क्लव में मुकलेसुर रहमान के हाथों 36 असहाय गरीब परिवारों के बीच राशन का वितरण किया। मौके नसीपुर के मुकलेसुर रहमान उर्फ आपेल,दानारुल शेख,नौइमुल शेख, साईंफुल शेख मौजूद थे।