जम्मू-कश्मीर का कठुआ जिला भी हुआ करोना का शिकार: जिला का पहला मामला

ईशांत सूदन की रिपोर्ट पंजाब और जम्मू-कश्मीर को बांटने वाली रावी नदी के किनारे बसा लखनपुर नगर, जो प्रदेश के कठुआ जनपद में पड़ता है और प्रदेश का प्रवेश द्वार भी कहलाया जाता है। कठुआ जनपद अभी तक करोना से बचा हुआ था मगर सांबा और कठुआ जनपद की सीमा पर हीरानगर तहसील के अंतर्गत
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जम्मू-कश्मीर का कठुआ जिला भी हुआ करोना का शिकार: जिला का पहला मामला

ईशांत सूदन की रिपोर्ट

पंजाब और जम्मू-कश्मीर को बांटने वाली रावी नदी के किनारे बसा लखनपुर नगर, जो प्रदेश के कठुआ जनपद में पड़ता है और प्रदेश का प्रवेश द्वार भी कहलाया जाता है। कठुआ जनपद अभी तक करोना से बचा हुआ था मगर सांबा और कठुआ जनपद की सीमा पर हीरानगर तहसील के अंतर्गत स्थित छन्न खत्रियां गांव में जनपद का पहला मामला सामने आने से लोगों की चिंता बढ़ गई है।

ताज़ा जानकारी के अनुसार इस केंद्र शासित प्रदेश में करोना के 380 पॉज्टिव मामले हैं, जिनमें कशमीर संकाय में 324 और जम्मू से 56 मामलों की जानकारी है। 12 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें एक मामला कठुआ जिला से है। कठुआ जिला से यह पहला मामला सामने आया है। 10 लोग ठीक हो कर घर जा चुके हैं, और पांच लोगों की मौत हो चुकी है। छन्न खत्रियां गांव से विश्वसनीय सूत्रों के हवाले से जानकारी प्राप्त हुई है कि बलवीर सिंह सपुत्र कृपाल सिंह निवासी छन्न खत्रियां मुम्बई में मज़दूरी करता है। बलवीर सिंह अवैध तरीके से चोरी-छिपे रावी नदी पार कर गांव पहुंच गया। वह हीरानगर स्थित तहसील मुख्यालय के अस्पताल में भर्ती था, जहां उसे करोना पॉजिटिव पाया गया। जिला प्रशासन ने सारे इलाके को बंद करके रेड जोन घोषित कर दिया है।
चूंकि मामला शाम पांच बजे के करीब सामने आया है इसलिए ज्यादा अपडेट का इंतजार किया जा रहा है।
बताते चलें कि केंद्र सरकार के दो टूक निर्देश के बाद प्रदेश के प्रवेशद्वार लखनपुर से जम्मू कश्मीर के सभी बार्डर सील कर दिए गए थे। जरूरी वस्तुओं को लेकर आ रहे वाहनों के अतिरिक्त किसी भी वाहन या व्यक्ति को अब प्रदेश में प्रवेश की अनुमति नहीं थी। रविवार शाम से लखनपुर पहुंचे लोगों को स्क्रीनिंग के बाद क्वारंटीन केंद्रों में शिफ्ट किए जाने के बाद पुलिस ने पूूरी तरह से रोक को अमल में ला दिया था। रावी पुल पर किसी भी वाहन या व्यक्ति को रूकने की अनुमति नहीं दी जा रही थी। जिलाधीश कठुआ ओपी भगत के अनुसार बलवीर सिंह एक दिन पशुओं के शैड में रहा और दूसरे दिन हीरानगर अस्पताल में भर्ती हो गया, जहां इसे करोना पॉजिटिव पाया गया।