चैत्र छठ का महत्व

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चैत्र छठ का महत्व

शेखर की रिपोर्ट

चैत्र छठ का महत्व-

झारखंड-शास्त्रों के अनुसार छठी माता भगवान सूर्य की मानस बहन हैं। इसलिए छठ के व्रत में छठी मईया और सूर्यदेव की पूजा करने का विधान है। यह व्रत महिलाओं के द्वारा अपनी संतान की लंबी आयु की कामना के लिए किया जाता है। मान्यता के अनुसार छठी मईया संतान की रक्षा करती हैं। सूर्यदेव की उपासना से आरोग्यता प्राप्त होती है।
कब से कब तक चलेगा छठ पर्व

चैती छठ 16 अप्रैल 2021 से शुरू होगा जो 19 अप्रैल 2021 तक चलेगा।  


छठ का पर्व शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि 16 अप्रैल 2021 से आरंभ होगा। इस दिन नहाय-खाय किया जाएगा। इस व्रत में साफ सफाई का बहुत ध्यान रखा जाता है। नहाय खाय के दिन पूरे घर की सफाई की जाती है और स्नान करके व्रत का संकल्प लिया जाता है, चने की सब्जी, चावल साग खाया जाता है और अगले दिन खरना से व्रत आरंभ हो जाता है।

खरना

17 अप्रैल 2021 दिन शनिवार को पंचमी तिथि को लोहंडा या खरना किया जाएगा। इस दिन महिलाएं पूरे दिन व्रत रखती हैं और शाम को मिट्टी के चूल्हे पर गुड़ वाली खीर का प्रसाद बनाकर सूर्य देव की पूजा करने के बाद यह प्रसाद खाया जाता है, इसके बाद छठ के समापन के बाद व्रत का पारणा किया जाता है।

षष्ठी तिथि

18 अप्रैल 2021 रविवार के दिन षष्ठी तिथि है। इस दिन अस्तगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाता है। शाम के समय महिलाएं नदी या तालाब में खड़ी होकर हैं और सूर्य को अर्घ्य देती हैं।

चैती छठ महापर्व संपन्न 

चैती छठ महापर्व का समापन सप्तमी तिथि 19 अप्रैल 2021 दिन सोमवार को किया जाएगा। इस दिन महिलाएं सूर्योदय से पहले ही नदी या तालाब में पर पहुंच जाती हैं और पानी में उतरकर सूर्यदेव से प्रार्थना करती हैं। इसके बाद उगते हुए सूर्य भगवान को अर्घ्य दिया जाता है। पूजा का समापन करके व्रत का पारणा किया जाता है।