जीई रोड और जय स्तंभ के मध्य इंसानियत मर गया था लोग वीडियो बनाते रहे

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जीई रोड और जय स्तंभ के मध्य इंसानियत मर गया था लोग वीडियो बनाते रहे

 रेशम वर्मा कि रिपोर्ट 

रायपुर-संवेदनहीनता की भी एक सीमा होती पर यहाॕ पर कोई सीमा  रेखा नही है  |  शहर के ह्रदय स्थल का  ये विडियों है जो  संभवतःस्टेचर  पर  लाश हो या शरीर  को लेकर जा रहे है और लोग मजे लेकर विडियो बना रहे वह पीड़ा दायक भी है। आज शोसल मिडिया में नंबर बढ़ाने के लिए अपनी सीमा को लोग लांघ जाते है ।

वहाॕ लोगो कि संवेदना तो देखो मदद करने के बजाये लोग  अपने विडियोंग्राफी चमकाने पर किसी का दिल या आत्मा नही पसीज़ रहा था  स्ट्रेचर पर जो भी है वह किसी का बेटा बाप पत्नी बेटी कोई भी हो सकती है लेकिन ये मानवता को शर्मसार करने वाले लोग हर जगह मिल जायेगे ।कोरोना ने एसी हालत पैदा कर दी है कि लोग रोज बिना इलाज के मर रहे है। प्रशासन आकडो के बाजीगरी में लगी है । आज की घटना ने यह जतला दिया है कि लोगो की आदमीयत मर गयी है ।

लोग किसी भी तरह उसकी मदद तो करे,क्योकि इस कोरोना ने हब भेद खोलकर रख दिया कौन अपना है या कौन पराया,प्रशासन ने तो हाथ ही खड़े कर दिये कुछ भी हो हम न तो बचा सकते न मदद जो करना है खुद कर लो | सरकार नेअपने काम को बांटने के लिए कोविड सेंटर बनाये है जो लगता है कि आम हो या खास व्यक्ति उसकी सेवार्थ कर जान तो बचा लेंगे पर नही वहां तो सौंदा होता है जीवन मृत्यु कि अब मौत के सौदागर कहे किसे ये भी एक विडंबना है क्योकि हम जो सच्चाई समाज को आईना बना दिखाते है उस लोग और जनप्रतिनिधि पर्दा डालकर रख दिये जो गांधी जी के तीन बंदर हो गये है |