यहां हुई बड़ी लापरवाही, जिंदा आदमी का बना दिया डेथ सर्टिफिकेट

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यहां हुई बड़ी लापरवाही, जिंदा आदमी का बना दिया डेथ सर्टिफिकेट
हरिश साहू की रिपोर्ट
जांजगीर-चांपा । हमनाम की मौत हो गई, तो जिला अस्पताल ने जिंदा मरीज का डेथ सर्टिफिकेट बना दिया। सिविल सर्जन ने चूक स्वीकार की तब जाकर माहौल शांत हुआ। जांजगीर-चांपा के जिला अस्पताल में Covid Care Center प्रबंधक की बड़ी लापरवाही सामने आई। हमनाम मरीज होने की वजह से जीवित मरीज को मृत बताकर उनके परिजनों को बुला लिया। इससे अस्पताल में हंगामा हो गया।
हमनाम मरीज होने की वजह से चूक
प्रभारी डॉक्टर ने कहा कि हमनाम मरीज होने की वजह से सर्टिफिकेट बनाने वाले से चूक हुई है। सीएस के द्वारा परिजनों को समझाइश दी गई तो मामला शांत हो गया।
परिजनों को दे दी सूचना
जानकारी के मुताबिक कोविड केयर सेंटर में जैजैपुर व पामगढ़ से दो संतोष खूंटे (हमनाम) भर्ती थे। शुक्रवार देर रात पामगढ़ निवासी संतोष खूंटे का निधन हो गया। निधन के बाद कागजी कार्रवाई पूरी करने वाले स्वास्थ्यकर्मी ने जैजैपुर निवासी संतोष खूंटे का डेथ सर्टिफिकेट बना दिया और परिजनों को सूचना दे दी। परिजनों से कहा गया कि संतोष खूंटे की कोरोना से मौत हो गई।
परिजन अस्पताल पहुंचे, तो पता चला वह तो जीवित है
परिजन सूचना पाकर शनिवार की सुबह जिला अस्पताल के एक्सक्लूसिव कोविड केयर सेंटर पहुंच गए। यहां जीवित संतोष खूंटे का रिश्तेदार भी स्वास्थ्यकर्मी है। संतोष के रिश्तेदारों ने स्वास्थ्यकर्मी से पूछा कि क्या संतोष का निधन हो गया। तब स्वास्थ्यकर्मी ने बताया कि वह तो जीवित है और उसका इलाज चल रहा है।
अस्पताल में हंगामा, नारेबाजी होने लगी
यह खबर सुनकर संतोष के परिजनों ने जिला अस्पताल में हंगामा कर दिया। देखते ही देखते गैर जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मियों की कार्यशैली को लेकर नारेबाजी होने लगी। आखिरकार जिला अस्पताल के सिविल सर्जन सहित अन्य स्टॉफ मौके पर पहुंचा और नाराज मरीज के परिजनों के सामने अपनी गलती स्वीकार की तब माहौल शांत हुआ।