वनोपज संग्रहण करने गए पति पत्नी को हाथी ने पटका, दोनों की मौके पर मौत

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वनोपज संग्रहण करने गए पति पत्नी को हाथी ने पटका, दोनों की मौके पर मौत

रेशम वर्मा कि रिपोर्ट 

कसडोल -विकासखंड के वनांचल क्षेत्र में बसे ग्राम खैरा (ब) जो कि लवन वन परिक्षेत्र के अन्तर्गत आता है, जहां कक्ष क्रमांक 132 में पटेल परिवार के पति पत्नी वनोपज संग्रहण करने गए हुए थे। वहीं हाथियों के झुंड विचरण कर रहे थे। झुंड के कुछ हाथियों ने पति पत्नी पर हमला कर दिया, जिससे पति पत्नी घायल हो गए दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। पति पत्नी दोनों मृतक ग्राम खैरा (ब) के पटेल परिवार से हैं। बताया जा रहा है कि मृतक का नाम डेरहा पिता मदन पटेल उम्र 60 वर्ष और श्रीमती रैनी बाई पति डेरहा पटेल उम्र 55 वर्ष ग्राम खैरा (ब) है। यूं कहें कि ये दोनों मौंतें वन विभाग की लापरवाही के चलते हुई हैं, अतिशयोक्ति नहीं होगी। क्योंकि समय पर लवन वन परिक्षेत्र के मातहत कर्मचारी सक्रियता दिखाते हुए ग्रामीणों को सचेत किए होते तो ये मौतें शायद नहीं हुई होती। ग्रामीणों के अनुसार खास बात तो यह है कि पिछले कुछ दिनों से उस क्षेत्र में हाथियों का दल विचरण कर रहे थे, जिसकी जानकारी वन विभाग को थी। ऐसे में ग्रामीणों को वन के भीतर नहीं जाने की हिदायत क्यों नहीं दी गई? यदि इस तरह की हिदायत क्षेत्र के लोगों को दी गई होती तो ये हादसा नहीं हुआ होता। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वन विभाग के अधिकारी- कर्मचारी कहां डयूटी करते हैं। उन्हें तनख्वाह वनों में डयूटी करने की मिलती है, लेकिन सारे समय घरों (क्वार्टरों) में बिताते हैं। अन्यथा इन्हें पता चलता कि हाथी किस समय किधर है और लोगों को वहां जाने से मना करते। जिससे इस तरह की हादसा नहीं होती। फिल हाल मौके पर वन विभाग का अमला पहुंच गया और मृतकों के परिजनों को 25-25 हजार परिक्षेत्राधिकारी द्वारा दिया गया है। पोस्ट मार्टम पश्चात दोनों शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
खास बात यह है कि इतनी बड़ी दुखद घटना घट गई किन्तु पत्रकारों द्वारा बार बार पूछे जाने के बावजूद भी वन विभाग द्वारा सही समय पर जानकारी नहीं दी गई। जो कि वन विभाग की मंशा पर प्रश्न चिन्ह खड़ा करता है।

दोनों मृतकों की मौत हाथियों के हमले से हुई हैं उनके परिजन को तात्कालिक सहयोग राशि 25 – 25 हजार रूपए दी गई है। क्षेत्र के गांवों में मुनादी कराई गई है। ग्रामीणों का आरोप गलत है।
एन के सिन्हा
परिक्षेत्राधिकारी, वन परिक्षेत्र लवन