बोकारो में ऐसा नजारा अरसे बाद देखने को मिला बड़वा और बच्चो ने कहा सूरज की कचहरी

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बोकारो में ऐसा नजारा अरसे बाद देखने को मिला बड़वा और बच्चो ने कहा सूरज की कचहरी

 शेखर की रिपोर्ट

सूरत का इंद्रधनुष हीरे में आना कुछ और नहीं था बड़े बुजुर्ग की सुने तो यह नजारा सूरज की कचरी कहा था सभी ग्रहों का राजा होने के कारण सूरज ने कचहरी लगाई 26 अप्रैल 2021 को 11:30 बजे दिल से लेकर अभी तक यानी 12:15 बजे रहे हैं भगवान सूर्य की ओर देखने पर उनके चारों तरफ चमकती नहीं बनी हुई दिख रही है इसे लोग सूरज की कचरी का नाम दिया और बीच में सूरज चमक रहे हैं सूरज को देने पड़ गए फेरे लोगों लोगों को कितनी हैरानी होती उससे ज्यादा सवाल जेहन में उम्र दे आखिर यह क्या चीज है इसका क्या असर होगा कुछ ऐसे ही सवाल का जवाब ढूंढने के लिए जब हमने तफ्तीश की तो कई चीजें निकलकर सामने आई 
बड़ो और छोटो ने कहा यह थी सूरज की कचहरी।
साइंटिस्ट ने कहा यह था #हालो
साइंटिस्ट आज की घटना को बेहद सामान्य घटना मानते हैं iit-bhu में सूर्य पर ध्यान कर रहे खगोल विज्ञानी बताते हैं कि जब वातावरण में धूल के अति सूक्ष्म कणों की मात्रा अधिक हो जाती है उसका संपर्क पर्याप्त नमी से हो जाता है सूरज की किरणों के के टकराने पर धूल कण के संपर्क में आने वाली नमी किरणों को दिखाकर एक इंद्रधनुष का घेरा बनाती है इसे हालो कहते हैं आज सोमवार को दिन के करीब 12:00 बजे बना हालो जमीन से लगभग 7 किलोमीटर ऊपर बना था कभी-कभी ऐसी घटनाएं घटती है आमतौर पर बरसात में इंद्रधनुष नजर आता है लेकिन यह अन्य माता में भी नजर आ सकता है जब सामान में धूल और पानी के कान साथ होते हैं तो इंद्रधनुष बनता है ऐसा भी इस बार हुआ है