सरकार कोरोना से लड़े, किसान-मजदूरों से नहीं -अधिवक्ता शत्रुहन साहू।

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सरकार कोरोना से लड़े, किसान-मजदूरों से नहीं -अधिवक्ता शत्रुहन साहू।

डिलेश्वर प्रसाद साहू की रिपोर्ट

धमतरी - न्यूनतम समर्थन मूल्य(MSP) की कानूनी गारंटी एवं तीनों दमनकारी कृषि बिल की वापसी के लिए दिल्ली के बॉर्डर पर 144 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन का केंद्र सरकार व भाजपा को बड़े पैमाने पर विरोध का सामना करना पड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा के कानूनी सलाहकार अधिवक्ता शत्रुहन साहू ने कहा कि पूरे देश में कोरोना महामारी ने हाहाकार मचाया है देश के कई राज्यों में संपूर्ण लॉक डाउन लगी हुई है इस संकट की घड़ी में  केंद्र की मोदी सरकार  को प्रोपगेंडा फैलाने के बजाएं किसानों की मांगें माननी चाहिए व किसानों मजदूरों से लड़ने के बजाय कोरोना महामारी से लड़ना चाहिए। ताकि किसानों की फसलें  बर्बाद होने से बच सके नहीं तो किसान मजदूर सरकार के दमन व शोषणकारी निर्देश को सहन करने के बजाय संघर्ष करते रहने कि बात दोहराते हुए केन्द्र की भाजपा सरकार पर तीखे सवाल दागे कि क्यों सरकार यह बताने से हमेशा भागती रही है कि कोरोना महामारी में जब लोग अपने घरों में बंद थे, उस समय ही ऑर्डिनेंस के माध्यम से ये कानून लाये ? सरकार यह भी बताने में असफल है कि किसानों व विपक्ष के भारी विरोध के बीच ससंद में इन कानूनों को जबर्दस्ती पास क्यों किया गया? अब जब सरकार यह मान रही है कि कानून गलत है व इनमें कोई भी संशोधन करने को तैयार है तो क़ानून रद्द नही करने की वजह क्यों नहीँ बताती ?

किसान मोर्चा के टिकेश्वर साहू अशफाक हाशमी राम विशाल साहू निशांत भट्ट दिग्विजय साहू सनत निर्मलकर युगल साहू सतवंत महिला रसूल खान ने कहा कि भारत जैसे देश जहां जनसंख्या का बहुत बड़ा तबका खेती पर निर्भर करता है वहां किसानों पर जबर्दस्ती शोषणकारी नीति थोपना सही नहीं है जबकि वर्तमान मे कोरोना महामारी एक बार फिर कोहराम मचाया हुआ है ऐसे में केंद्र सरकार को किसानों मजदूरों की फिक्र करते हुए तुरंत प्रभाव से मांगें मान लेनी चाहिए। दिल्ली की सीमाओं से लेकर देश के अन्य हिस्सों से किसानों के धरने तभी खत्म होंगे जब किसानों की मांगे मानी जायेगी। किसान पहले भी सरकार की नीतिओ से तंग आकर आत्महत्या कर रहे है। इस आंदोलन में भी अब तक 375 से ज्यादा किसानों की मौत हो गयी है। मानवता के आधार पर सरकार किसानों के धरनास्थलों पर वेक्सीनेशन सेंटर बनाये,  कोरोना से बचाव के लिए जरूरी सामान व निर्देश मुहैया करवाये।