‘ये तो घणे ढीठ हैं लट्ठ बिना कोना मानें’

ईसम सिंह की रिपोर्ट अंबाला, कोरोना के चलते देश भर में 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन का आज अंबाला जिले में असर देखने को मिला। शहरों के अलावा देहात में भी लोग बाहर निकलने से बचते रहे। लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस को डंडा चलाकर लोगों को घर भेजने के लिये मजबूर होना पड़ा। साहा
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‘ये तो घणे ढीठ हैं लट्ठ बिना कोना मानें’

ईसम सिंह की रिपोर्ट

अंबाला, कोरोना के चलते देश भर में 14 अप्रैल तक सम्पूर्ण लॉकडाउन का आज अंबाला जिले में असर देखने को मिला। शहरों के अलावा देहात में भी लोग बाहर निकलने से बचते रहे। लेकिन कुछ स्थानों पर पुलिस को डंडा चलाकर लोगों को घर भेजने के लिये मजबूर होना पड़ा। साहा चौक पर जब तीन युवक एक बाइक पर तफरी मार रहे थे तो पुलिस वाला यह कहता उनके पीछे भागा और बोला, ये तो घणे ढीठ हैं लट्ठ बिना कोना मानें। ये तीनों युवक पूछने पर पुलिस को कहते रहे कि वे तो दुकान से सामान लेने आये थे। लेकिन जब उन पर डंडा चला तो उन्होंने हाथ जोड़ लिये और कहा कि अब वे बाहर नहीं निकलेंगे।
महेशनगर और अंबाला छावनी के सदर इलाके में कई जगह पुलिस को जनता को दूर करने के लिये मशक्कत करनी पड़ी। गोलचक्कर पर पुलिस ने दो युवकों की उठक-बैठक कर उन्हें घर से बाहर न निकलने की नसीहत दी।

राशन डिपुओं पर लगी लंबी कतारें
आज अधिकतर राशन डिपुओं पर लंबी कतारें लगी थीं। लोगों में राशन लेने को लेकर आपाधापी का माहौल था। संभालखा गांव के दोनों डिपुओं पर जब स्थिति कंट्रोल से बाहर हो गई तो पुलिस को मोर्चा संभालना पड़ा। थाना प्रभारी चंद्रभान दलबल सहित मौके पर आ गये। उन्होंने लोगों को धमकाया कि वे भीड़ में फासला बनाकर खड़े हों। उनका यह भी कहना था कि राशन सभी को मिलेगा इसलिये ज्यादा मारामारी करने की जरूरत नहीं है।