स्कूल का दर्जा तो बढ़ गया लेकिन बच्चे क्यों कम हो गए

मनोज उनियाल की रिपोर्ट शिमला : भले ही शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्कूलों को दिल्ली के सरकारी स्कूल मॉडल से बेहतरीन बताते हों, लेकिन हकीकत में शिमला के दूरदराज के स्कूलों की हालत व्यवस्था और सरकार के मुंह पर तमाचे से कम नहीं हैं। कभी मिडल स्कूल होने पर जिस स्कूल की छात्रों की संख्या
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स्कूल का दर्जा तो बढ़ गया लेकिन बच्चे क्यों कम हो गए

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

शिमला : भले ही शिक्षा मंत्री प्रदेश के स्कूलों को दिल्ली के सरकारी स्कूल मॉडल से बेहतरीन बताते हों, लेकिन हकीकत में शिमला के दूरदराज के स्कूलों की हालत व्यवस्था और सरकार के मुंह पर तमाचे से कम नहीं हैं। कभी मिडल स्कूल होने पर जिस स्कूल की छात्रों की संख्या 76 थी वो स्कूल का दर्जा बढ़ कर हाई होने के बाद भी बढ़ने के बजाय घटकर 32 रह गई है। सरकार ने लोगों की मांग के चलते वर्ष 2016-17 में मिडल स्कूल नागन को दर्जा बढ़ाकर हाई स्कूल स्तर कर दिया लेकिन स्कूल को चलाने के अध्यापक नहीं भेजे।
स्कूल का दर्जा बढ़ने से खुश हुए लोगों ने सोचा था कि घरद्वार पर बच्चे मैट्रिक तक शिक्षा प्राप्त कर लेंगे लेकिन उनकी हसरत पूरी नहीं हुई। सरकार ने शिक्षक नहीं भेजे जिसके चलते स्कूल का दर्जा बढ़ने के 3 वर्षो बाद भी यहां दसवीं की कक्षा नहीं बैठ पाई है। स्कूल में एसएमसी के माध्यम से एक ही शिक्षक सेवा दे रहा है। जबकि मेडिकल, नॉन मेडिकल, टीजीटी आर्ट्स जैसे विषयों के लिए कोई भी शिक्षक यहां नहीं हैं। ऐसे में शिक्षकों की कमी के चलते छात्र अन्य स्कूल में पलायन करने के लिए मजबूर हैं। हालत ये हैं कि नागन स्कूल में कोई शिक्षक आने के लिए तैयार नहीं है। शिक्षा विभाग ने कई बार यहां शिक्षकों को भेजने का फरमान भी जारी किए है, लेकिन कुछ महीने काम करने के बाद शिक्षक भी यहां से ट्रांसफर ले लेते हैं, जिससे स्कूल में पढ़ाई व्यवस्था ठप है। दसवीं बोर्ड कक्षा के लिए स्कूल में फिजिक्स, गणित, विज्ञान जैसे विषय के शिक्षक नहीं हैं। चौपाल ग्राम पंचायत प्रधान संदीप ठाकुर ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित जम्वाल से सोमवार को स्कूल की इस समस्या को उठाया। प्रधान ने बताया कि शिक्षा विभाग में स्कूल की इस समस्या को लेकर वे 13वीं बार आए हैं, लेकिन कोई भी समाधान नहीं मिला है। संदीप ठाकुर ने कहा कि जब स्कूलों में शिक्षक नहीं होंगे तो छात्र क्यों पढ़ने जाएंगे इससे बेहतर है कि नागन स्कूल में ताला जड़ दिया जाए।