शरीर थका पर हौसला बुलंद; खिचड़ी बनाने का विश्व रिकॉर्ड

मनोज उनियाल की रिपोर्ट शिमला । एक ही बरतन में 1995 किलो खिचड़ी पकाने का अनूठा कारनामा स्थापित करने वाले एचपीटीडीसी तथा हिमाचल शेफ एसोसिएशन के रसोइयों को जयराम सरकार सम्मानित करेगी। होटल होली-डे होम के डीजीएम नंदलाल शर्मा की अगवाई में 24 शेफ की टीम ने इस कीर्तिमान को स्थापित किया है। एचपीटीडीसी की
 | 

मनोज  उनियाल की रिपोर्ट 

शिमला । एक ही बरतन में 1995 किलो खिचड़ी पकाने का अनूठा कारनामा स्थापित करने वाले एचपीटीडीसी तथा हिमाचल शेफ एसोसिएशन के रसोइयों को जयराम सरकार सम्मानित करेगी। होटल होली-डे होम के डीजीएम नंदलाल शर्मा की अगवाई में 24 शेफ की टीम ने इस कीर्तिमान को स्थापित किया है। एचपीटीडीसी की एमडी कुमुद सिंह ने नंदलाल शर्मा की पूरी टीम को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। अहम है कि पांच क्विंटल चावल-माह की इस खिचड़ी के लिए क्विंटल के हिसाब से मसाले तथा दूसरी खाद्य सामग्री डालनी पड़ी है। इसके अलावा 1100 लीटर पानी खिचड़ी के लिए प्रयोग में लाया गया है।

इस खिचड़ी की सामग्री को मिलाने के लिए सभी रसोइयों के शरीर टूट गए हैं, लेकिन हौसले अब भी बुलंद हैं। खास है कि इस खिचड़ी को बनाने का दायित्व अंतरराष्ट्रीय शेफ नंदलाल शर्मा के अलावा हिमाचल के पांच सितारा होटल के नामी शेफ के कंधों पर था। इस उपलब्धि को हासिल करने वाले हिमाचल शेफ एसोसिएशन के मशहूर रसोइयों तथा होटल होली-डे होम के डीजीएम नंदलाल शर्मा सहित उनकी पूरी टीम को बधाइयों का तांता लगा रहा। उल्लेखनीय है कि पर्यटन विभाग ने 1100 किलोग्राम ग्राम खिचड़ी तैयार कर तत्तापानी में पर्यटन उत्सव मनाने का ऐलान किया था। खिचड़ी पकाने का सारा दारोमदार एचपीटीडीसी के कंधों पर आ गया। निगम की एमडी कुमुद सिंह ने अपने अधिकारियों से मीटिंग कर यह दायित्व होटल होली-डे होम के डीजीएम नंदलाल को सौंप दिया। खिचड़ी पकाने के लिए कुल 405 किलोग्राम चावल, 90 किलो घी, 20 किलो अदरक, 49 किलो मसाले तथा 20 किलोग्राम नमक सहित कई सामग्रियां डाली गईं। जाहिर है कि यह पकवान माउंट एवरेस्ट पर पहुंचने से बड़ी चुनौती भरा था। स्थानीय लोगों का कहना है कि खिचड़ी पकाने के लिए एचपीटीडीसी की टीम लगातार दो दिन से तत्तापानी में जुटी रही। मौके पर मौजूद एचपीटीडीसी के डीजीएम नंदलाल शर्मा और 24 शेफ ने दो रातों तक आंख नहीं झपकी। नतीजतन एक ही बरतन में एक साथ खिचड़ी पकाने का कीर्तिमान पर्यटन विभाग के नाम दर्ज हो गया।

आसान नहीं था काम

एक बरतन में टनों के हिसाब से खिचड़ी पकाना आसान नहीं था। सबसे पहले विशालकाय बरतन की तलाश शिमला में शुरू होकर हरियाणा के जगादरी में खत्म हुई। कुल 270 किलोग्राम के भारी-भरकम बरतन को उठाना और आयोजन स्थल पर पहुंचाना खुली आंख में सपना देखने के बराबर था। कड़े प्रयास से तत्तापानी पहुंचाए गए इस बरतन को क्रेन के माध्यम से चुल्हे पर रखा और उतारा गया। इस बरतन की साफ-सफाई भी क्रेन से ही की गई।