शरद नवरात्र आज से ; दुल्हन की तरह सजे मंदिर, मंदिर भक्तों की आवाभगत के लिए तैयार

मनोज उनियाल की रिपोर्ट धर्मशाला-शरद नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं, इसके लिए प्रदेश के सारे मंदिर दुल्हन की तरह सज गए हैं। विश्वव विख्यात शक्तिपीठ बजे्रश्वरी देवी कांगड़ा, चामुंडा देवी, मां ज्वालामुखी, मां चिंतपूर्णी, मां नयनादेवी, मां बालासुंदरी के अलावा हर छोटा-बड़ा मंदिर भक्तों की आवभगत के लिए तैयार है। कलश स्थापना का
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शरद नवरात्र आज से ;  दुल्हन की तरह सजे मंदिर, मंदिर भक्तों की आवाभगत के लिए तैयार

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

धर्मशाला-शरद नवरात्र शनिवार से शुरू हो रहे हैं, इसके लिए प्रदेश के सारे मंदिर दुल्हन की तरह सज गए हैं। विश्वव विख्यात शक्तिपीठ बजे्रश्वरी देवी कांगड़ा, चामुंडा देवी, मां ज्वालामुखी, मां चिंतपूर्णी, मां नयनादेवी, मां बालासुंदरी के अलावा हर छोटा-बड़ा मंदिर भक्तों की आवभगत के लिए तैयार है।

कलश स्थापना का शुभ मुहुर्त सुबह 6:27 से 10:13 बजे है। हालांकि सुबह 11:36 से दोपहर 12:24 बजे व दोपहर 2:26 से शाम 4:17 बजे तक कलश स्थापना के मुहुर्त हैं। पहले नवरात्र में स्वार्थ सिद्धि का योग बन रहा है, जिसका शुभ प्रभाव देश भर में देखने को मिलेगा। ज्यादातर ज्योतिषाचार्यों ने कहा है कि इस बार के सारे नवरात्र गृह कार्य के लिए बहुत शुभ हैं। इसके अलावा महाभाग्य, सत्कीर्ति व शश नाम के तीन राजयोग में नवरात्र की शुरुआत हो रही है। सूर्य, चंद्रमा और शनि से बनने वाले इन शुभ योगों में नवरात्रि कलश स्थापना होना देश के लिए अति शुभ माना जा रहा है।

नवरात्र पर तोहफे

प्रदेश सरकार ने पहले नवरात्र पर एक साथ कई तोहफे दिए हैं। अब जहां धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आसानी से हो सकेंगे, वहीं नवरात्र पर शुरू होने वाली रामलीलाएं एक बार फिर लोगों का मनोरंजन कर सकेंगी। सिनेमा व थियेटर भी कुछ बंदिशों के साथ कोरोना के खौफ को दूर कर सकेंगे।