राहत की खबर, कोरोना का नया केस नहीं, 99 में से 96 नेगेटिव

मनोज उनियाल की रिपोर्ट शिमला – हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना संदिग्ध मरीजों के लिए गए 96 मामले नेगेटिव पाए गए हैं। राज्य में लगातार दूसरे दिन एक भी पॉजिटिव मामला नहीं आया है। टांडा मेडिकल कालेज, आईजीएमसी तथा पुणे में अब तक 99 नमूनों की जांच हो चुकी है। पॉजिटिव पाए गए तीन मामले
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राहत की खबर, कोरोना का नया केस नहीं, 99 में से 96 नेगेटिव

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

शिमला – हिमाचल प्रदेश में अब तक कोरोना संदिग्ध मरीजों के लिए गए 96 मामले नेगेटिव पाए गए हैं। राज्य में लगातार दूसरे दिन एक भी पॉजिटिव मामला नहीं आया है। टांडा मेडिकल कालेज, आईजीएमसी तथा पुणे में अब तक 99 नमूनों की जांच हो चुकी है। पॉजिटिव पाए गए तीन मामले में एक मृतक तिब्बती के अलावा दो और है। राज्य में कोरोना प्रभावित देशों से यात्रा कर लौटे कुल 2186 लोग निगरानी में रखे गए हैं। राहत की खबर है कि पहले से ही निगरानी में चल रहे 591 संदिग्ध मरीजों ने 28 दिन की समयावधि पूरी कर ली है। इसके अलावा 188 लोग प्रदेश से अपने गंतव्य के लिए कूच कर गए हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन से जारी रिपोर्ट के अनुसार 25 मार्च को हिमाचल प्रदेश में कोरोना वायरस के संदिग्ध मरीजों के लिए राज्य सरकार ने निगरानी के पुख्ता प्रबंध किए हैं। कांगड़ा जिला के टांडा मेडिकल कालेज और शिमला के आईजीएमसी में नमूनों की लगातार जांच हो रही है। इसकी रिपोर्ट आने में करीब छह से सात घंटे लग रहे हैं। बताते चलें कि कांगड़ा जिला के लंज तथा शाहपुर के दो लोगों के सबसे पहले पॉजिटिव मामले आए थे। इन दोनों के परिवारों को कड़ी निगरानी में रखा गया है। राज्य सरकार की एडवाइजरी के अनुसार पांच दिन की कड़ी निगरानी के बाद परिजनों के सैंपल भी जांच को लिए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए प्रदेश में कफर्यू लगा दिया गया है। इसके तहत किसी भी व्यक्ति को घर से निकलने की इजाजत नहीं है। राज्य में कर्फ्यू की यह समयावधि 14 अप्रैल तक जारी रहेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इन 21 दिनों के भीतर लोग अगर अपने घरों में बने रहते हैं तो कोरोना के संक्रमण को रोकने में काफी हद तक सफलता मिल सकती है।

जरूरी सामान की सप्लाई न रुकने पाए

राहत की खबर, कोरोना का नया केस नहीं, 99 में से 96 नेगेटिव

शिमला – राज्य सरकार ने जिला पुलिस-प्रशासन को कड़ी हिदायत दी है कि कर्फ्यू के बीच आम जनता को किसी भी प्रकार की दिक्कतें नहीं आनी चाहिए। इस समयावधि में खाद्य पदार्थों की आपूर्ति और फल सब्जी सहित जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रखी जाए। बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने प्रदेशभर के उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस कर ताजा हालातों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने आदेश दिए हैं कि कर्फ्यू आदेशों की सख्ती से पालना की जाए, लेकिन पुलिस आम लोगों से व्यावहारिक रूप से पेश आए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि जनता को समय-समय पर हर प्रकार की जानकारी देते रहें। यह भी सुनिश्चित करें की लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हों। मुख्यमंत्री ने कहा आवश्यक खाद्य पदार्थों की उपलब्धता भी सुनिश्चित करें। कोरोना वायरस के संभावित खतरे से निपटने के लिए हिमाचल प्रदेश सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग हरसंभव प्रयास कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के बाहर से आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा न आए इसके लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए आपूर्ति लाइन के पूरक के लिए कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रदेश में राशन, दालों और खाद्य तेलों का पर्याप्त भंडार है। यही नहीं, पर्याप्त मात्रा में दूध और ब्रेड की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भी कदम उठाए जाएंगे। यदि आवश्यकता हुई तो उपभोक्ताओं की सुविधा और अनावश्यक भीड़-भाड़ से बचाव के लिए दुग्ध संग्रह केंद्रों की स्थापना की जाएगी। जयराम ठाकुर ने निर्देश दिया कि पशुओं के चारे की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि घुमंतू गद्दी और गुर्जरों और उनके झुंडों को प्रतिबंधित नहीं किया जाना चाहिए और उनकी सुरक्षा के लिए सभी निवारक उपाय किए जाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता से आग्रह किया कि कर्फ्यू के दौरान घरों में रहें। अनावश्यक रूप से बाहर न निकलें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।