मान गए भाई…ट्रक में ही बिता दिए तीन लॉकडाउन

हिमाचल ब्यूरो रिपोर्ट पद्धर – यह भाग्य की विडंबना समझिए या कुछ और…। पद्धर की ग्राम पंचायत उरला के गांव कोल्थी के उस शख्स की, जिसने तीन लॉकडाउन अपने ही ट्रक में बिता दिए। उरला के कोल्थी से मुंशी राम पुत्र स्व. पूर्ण चंद 20 मार्च को चंबा अपने ट्रक लेकर जड़ी-बूटियां लेने के लिए वन
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मान गए भाई…ट्रक में ही बिता दिए तीन लॉकडाउन

हिमाचल ब्यूरो रिपोर्ट

पद्धर – यह भाग्य की विडंबना समझिए या कुछ और…। पद्धर की ग्राम पंचायत उरला के गांव कोल्थी के उस शख्स की, जिसने तीन लॉकडाउन अपने ही ट्रक में बिता दिए। उरला के कोल्थी से मुंशी राम पुत्र स्व. पूर्ण चंद 20 मार्च को चंबा अपने ट्रक लेकर जड़ी-बूटियां लेने के लिए वन विभाग की ओर से गए थे। वहां 20 मार्च से आज दिन तक तीनों लॉकडाउन अपने ट्रक में ही बिताने पड़े हैं। मुंशी राम ने बताया कि लॉकडाउन होने के कारण वह चंबा में गांव दगोड़ी तहसील सलूणी थाना कियार, पंचायत भादल में फंस गए और पूरे 43 दिन उन्होंने अपने ट्रक में ही बिताने पड़े। उसके बाद उन्हें परमिशन मिली और वह घर अपने ट्रक के साथ आए और अब वे अपने ही गांव में अपने ही ट्रक में होम क्वारंटाइन 14 दिन के लिए हुए हैं। हालांकि उनका घर मात्र 200 मीटर की दूरी में सड़क के समीप है, लेकिन उन्होंने प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के मद्देनजर उनका पालन करते हुए अपने ट्रक में ही रहने की ठान ली। उनका कहना है कि जहां तक 43 दिन चंबा में ट्रक में ही बिताए, तो वहां 14 दिन और सही। अब शेष चार दिन और रहते हैं होमक्वारंटाइन के। इस कारण एक मिसाल भी जिला मंडी व प्रदेश में बन गई है कि मुंशीराम ने पूरे तीन लॉकडाउन का पालन करते हुए  अपने ट्रक में ही बिता दिए।

जैसे-तैसे किसी बुजुर्ग ने किया खाने का इंतजाम

चंबा के समीप एक गांव भांदल में ही एक बुजुर्ग उन्हें खाने के लिए आटा आदि देते रहे। उसके बाद उसके मालिक चंडीगढ़ ने वहां संपर्क कर किसी से उन्हें गैस सिलेंडर लेकर मुंशी राम को दिया, तब जाकर मुंशीराम ने अपना खाना अपने ट्रक में ही बनाना और खाना शुरू किया। यह एक मिसाल पेश हो गई है, क्योंकि यह आम बात नहीं है, लेकिन तीन लॉकडाउन यानी 60 दिन बिताना एक ही ट्रक में किसी के बस की बात नहीं। इसकी सभी प्रशंसा कर रहे हैं।