बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चार धाम यात्रा का समापन

रश्मि प्रभा की रिपोर्ट देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो गया। तय मुहूर्त के अनुसार अपराह्न 03:35 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से बंद कर दिए गए।
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बद्रीनाथ धाम के कपाट बंद होने के साथ ही चार धाम यात्रा का समापन

रश्मि प्रभा की रिपोर्ट

देहरादून। उत्तराखंड के उच्च हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम के कपाट बृहस्पतिवार को शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए और इसी के साथ इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो गया। तय मुहूर्त के अनुसार अपराह्न 03:35 बजे बद्रीनाथ धाम के कपाट विधि-विधान से बंद कर दिए गए। बद्रीनाथ धाम में जमी बर्फ और सर्द हवाओं के बीच मंदिर के कपाट बंद होने के समय धर्माधिकारियों, अधिकारियों और तीर्थ पुरोहितों के साथ 5 हजार से अधिक श्रद्धालु परिसर में मौजूद थे जो जय बदरी विशाल का उद्घोष कर रहे थे। मंदिर को भव्य रूप से फूलों से सजाया गया था और सेना के बैंड की सुमधुर लहरियां हवा में तैर रही थीं। बद्रीनाथ धाम के बंद होने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा का समापन हो गया है। अन्य 3, रूद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ तथा उत्तरकाशी जिले में गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट पहले ही बंद किए जा चुके हैं। इस वर्ष कुल 3.10 लाख यात्रियों ने चारधामों के दर्शन किए।