बकरों ने भर दिया बाबा बालक नाथ की तिजोरी

मनोज की रिपोर्ट दियोटसिद्ध – उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट का खजाना बकरों ने भर दिया है। वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए बकरों के चढ़ावे से मंदिर ट्रस्ट को एक करोड़ 32 लाख 15400 की आमनदनी हुई है। वर्ष 2018 के मुकाबले यह आकंड़ा अधिक है। वर्ष 2018 के
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बकरों ने भर दिया बाबा बालक नाथ की तिजोरी

मनोज की रिपोर्ट 

दियोटसिद्ध – उत्तरी भारत के प्रसिद्ध सिद्धपीठ बाबा बालकनाथ मंदिर दियोटसिद्ध ट्रस्ट का खजाना बकरों ने भर दिया है। वर्ष 2019 में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए बकरों के चढ़ावे से मंदिर ट्रस्ट को एक करोड़ 32 लाख 15400 की आमनदनी हुई है। वर्ष 2018 के मुकाबले यह आकंड़ा अधिक है। वर्ष 2018 के मुकबाले बकरे भी अधिक चढ़े और अमदनी भी अधिक हुई है। बकरों के चढ़ावे से इस वर्ष मंदिर ट्रस्ट करोड़पति बन गया है। वर्ष 2019 की बात की जाए, तो बाबा बालकनाथ के मंदिर में 6371 बकरे श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए और उनकी नीलामी के पश्चात मंदिर न्यास को एक करोड़ 32 लाख 15400 रुपए की आमदन हुई। वर्ष 2018 में बाबा बालकनाथ के दरबार में 5825 बकरे श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए थे और उनसे मंदिर न्यास को लगभग एक करोड़ 19 लाख 52700 रुपए की आमदन हुई। दोनों साल के मुकाबले वर्ष 2019 में बाबा बालकनाथ के दरबार में 546 के करीब ज्यादा बकरे चढ़ाए गए और 12 लाख 62 हजार 700 की ज्यादा आमदन हुई। अगर महीने की एवरेज निकाली जाए, तो बाबा के दरबार 2019 में 530 के करीब बकरे चढ़ाए गए। बताते चलें की गुफा में प्रवेश से पहले बाबा बालकनाथ का राक्षस के साथ युद्ध हुआ था, जिसमें बाबा बालकनाथ ने राक्षस को पराजित किया। राक्षस ने बाबा बालकनाथ से उनके चरणों में ही रहने की अपील की, तभी से बाबा बालकनाथ ने कहा था कि कि मेरे नाम का इधर रोट चढ़ाया जाएगा, वहीं राक्षस के नाम से यहां पर बकरे चढ़ाए जाएंगे, परंतु यहां पर बकरों को लेकर कोई बलि प्रथा नहीं है। मंदिर न्यास द्वारा बकरों को बोली कर बेचा जाता है। सप्ताह में दो बार सोमवार व शुक्रवार को बोली का आयोजन किया जाता है। इसमें मंदिर अधिकारी के अलावा मंदिर न्यास के ट्रस्टी और कर्मचारी बैठते हैं।