फिर एक मासूम डूबा नदी में; एक हफ्ते में दूसरा हादसा

मनोज उनियाल की रिपोर्ट रोहड़ू (हिमाचल)। चिड़गांव में फिर एक बच्चे के नदी में डूबने का मामला सामने आया है। एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी घटना है जब एक और अढ़ाई वर्षीय मासूम नदी की चपेट में आकर जान गंवा बैठा है। जानकारी के अनुसार नेपाली मूल का अढ़ाई वर्षीय बच्चा अर्जुन घर पर अकेला
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फिर एक मासूम डूबा नदी में; एक हफ्ते में दूसरा हादसा

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

रोहड़ू (हिमाचल)। चिड़गांव में फिर एक बच्चे के नदी में डूबने का मामला सामने आया है। एक हफ्ते के अंदर यह दूसरी घटना है जब एक और अढ़ाई वर्षीय मासूम नदी की चपेट में आकर जान गंवा बैठा है। जानकारी के अनुसार नेपाली मूल का अढ़ाई वर्षीय बच्चा अर्जुन घर पर अकेला था जबकि बच्चे की मां दुर्गा देवी डेरे से दूर अपने पति विनोद नेपाली के पास बगीचे में काम पर गई थी। जैसे ही 12 बजे के करीब दुर्गा देवी डेरे में पहुंची तो उसने डेरे से अढ़ाई वर्षीय मासूम को गायब पाया।

जब उसकी नजर आंध्रा खड्ड में पड़ी तो वह सन्न रह गई, वहांं उसका बच्चा पानी में जिंदगी और मौत से जूझ रहा था। उसने वहां जाकर बच्चे को उठाया और चीख-पुकार की। चीख-पुकार सुनते ही उसका पति विनोद भी घटनास्थल की ओर दौड़ा। सूचना मिलते ही बेतियानी निवासी उनका मालिक नरेश जोकटा बच्चे को संदासु अस्पताल ले गया जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। डीएसपी रोहड़ूसुनील नेगी ने कहा कि नदी-नालों के नजदीक रह रहे लोग अपने बच्चों का ध्यान रखें।

बता दें कि ऐसा ही एक मामला एक हफ्ता पहले चिड़गांव के मांदली गांव का आया था। घर पर कोई और सदस्य न होने के कारण मां 2 वर्षीय मासूम को अपने साथ पब्बर नदी के तट पर ले गई थी। मां जब कपड़े धोने में व्यस्त थी कि तभी एकाएक खेलते-खेलते यह मासूम नदी की चपेट में आ गया। एक हफ्ता बीत जाने के बाद भी उसका कुछ भी सुराग हाथ नहीं लगा। हालांकि पुलिस, दमकल कर्मियों, टैक्सी यूनियन चिड़गांव व स्थानीय लोगों द्वारा बच्चे को ढूंढने के लिए रात-दिन एक किया गया परंतु बच्चे का कुछ पता नहीं चल सका।