फरीदाबाद के होटल में छिपा था विकास दुबे, फरार हो गया

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट फरीदाबाद। कानपुर एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले मोस्टवांटेंड गैंगस्टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरीदाबाद के बड़खल चौक स्थित एक होटल में छिपा है। इसी आधारा पर फरीदाबाद
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फरीदाबाद के होटल में छिपा था विकास दुबे, फरार हो गया

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट

फरीदाबाद। कानपुर एनकाउंटर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्‍या करने वाले मोस्‍टवांटेंड गैंगस्‍टर विकास दुबे को पकड़ने के लिए पुलिस तलाशी अभियान चला रही है। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि विकास दुबे अपने गुर्गों के साथ फरीदाबाद के बड़खल चौक स्थित एक होटल में छिपा है। इसी आधारा पर फरीदाबाद पुलिस ने होटल पर छापेमारी की। हथियारों से लैस पुलिस टीम ने होटल को चारों तरफ से घेर लिया लेकिन विकास दुबे वहां नहीं मिला। पुलिस ने विकास के एक खास गुर्गे को गिरफ्तार किया है। सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक गिरफ्तार शख्‍स ने पुलिस को बताया है कि विकास दुबे वहां मौजूद था लेकिन वो फरार होने में कामयाब हो गया।

फरीदाबाद के होटल में छिपा था विकास दुबे, तोबड़तोड़ चली गोलियां और फरार हुआ मोस्‍टवांटेड- सूत्र

यूपी एसटीएफ की एक टीम फरीदाबाद के लिए रवाना हो गई है। पुलिस ने होटल के सीसीटीवी फुटेज भी कब्जे में ली है। बताया जा रहा है कि फुटेज में एक व्यक्ति का डीलडौल विकास दुबे से मिलता जुलता है। मामला बहुचर्चित और संवेदनशील होने के कारण पुलिस अधिकारी अभी किसी भी तथ्य की पुष्टि नहीं कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक फरीदाबाद में दिल्ली-मथुरा हाईवे के किनारे बड़खल चौक पर एक ओयो गेस्ट हाउस में पुलिस ने छापेमारी की।

बताया जाता है कि पुलिस को सूचना मिली थी कि कानपुर कांड का मोस्ट वॉन्टेड विकास दुबे का एक साथी वहां छिपा है। पुलिस ने आनन-फानन में यह कार्रवाई अंजाम दे डाली। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक 30 से 35 की संख्या में पुलिस के जवान सादा वर्दी में वहां पहुंचे थे। कुछ देर वहां ठहरने के बाद पुलिस दल वहां से निकल गया। कुछ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक वहां फायरिंग भी हुई है। आपको बता दें कि कानपुर के चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में गुरुवार रात को कुख्यात अपराधी विकास दुबे और उसके साथियों से मुठभेड़ में आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे।

शहीदों में सीओ बिल्हौर, एसओ शिवराजपुर के अलावा दो दरोगा, चार सिपाही शामिल थे। शातिर बदमाशों ने गोलियों के अलावा बम और कुल्हाड़ी जैसे धारदार हथियारों से पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। कई पुलिसकर्मियों के असलहे तक लूट लिए थे। विकास दुबे और उसके साथियों ने सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्र को वीभत्स तरीके से मारा था। हमला होते ही सीओ दीवार कूदकर एक घर में जाकर छिपे थे। बदकिस्मती से ये घर विकास के मामा का था। बदमाशों ने घर में घुसकर दीवार से सटाकर सीओ के सिर पर ताबड़तोड़ कई गोलियां मारीं। पूरा शव क्षत-विक्षत कर एक पैर भी काट दिया। घटनास्थल देख हर कोई सहम गया।