प्रदेश में सरकारी अफसरों व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के कुल 119 दाग लगे

मनोज उनियाल की रिपोर्ट शिमला : भ्रष्टाचार के मामलों में देश में निचले पायदान पर खड़े हिमाचल में अफसरों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगें तो चौंकाने वाला है। मगर हकीकत यह है कि तीन सालों में प्रदेश में सरकारी अफसरों व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के कुल 119 दाग लगे। इन मामलों में से
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प्रदेश में सरकारी अफसरों व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के कुल 119 दाग लगे

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

शिमला : भ्रष्टाचार के मामलों में देश में निचले पायदान पर खड़े हिमाचल में अफसरों व कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगें तो चौंकाने वाला है। मगर हकीकत यह है कि तीन सालों में प्रदेश में सरकारी अफसरों व कर्मियों पर भ्रष्टाचार के कुल 119 दाग लगे। इन मामलों में से 96 मामलों में प्राथमिकी दर्ज की गई।  यही नहीं, भ्रष्टाचार के आरोपों में 17 कर्मचारी व अफसर चार्जशीट किए गए। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वीरवार को राज्य विधान सभा में कांग्रेस विधायक सुखविंद्र सिंह सुक्खू के प्रश्न के लिखित उत्तर में सदन में यह जानकारी दी। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर द्वारा सदन में दी गई जानकारी के मुताबिक सरकारी विभागोंए निगमों व बोर्डस में 119 कर्मचारी तथा अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए। इन सभी के खिलाफ विजिलेंस एवं पुलिस के अलग अलग थानों में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कुल 96 एफआइआर दर्ज की गईं। भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप पाए जाने पर कुल 17 लोगों को चार्जशीट किया गया।

वहींए कुल दर्ज मामलों में से 15 की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई। बताया गया कि जांच एजेंसी शेष मामलों की जांच कर रही है। नादौन के विधायक सुखविंद्र सिंह ने जानना चाहा था कि तीन साल में सरकारी विभागों सहित निगम व बोर्ड के कितने अफसर तथा कर्मचारी भ्रष्टाचार में शामिल पाए गए। साथ ही पूछा था कि कितने लोगों को चार्जशीट किया गया। सीएम ने 1 फरवरी 2017 से लेकर 31 जनवरी 2020 तक के आंकड़े लिखित जवाब में दिए। वन विभाग के छह मामलों में जांच जारी है। डाक विभाग, राजस्व विभाग, पंचायती राज विभाग व शिक्षा विभाग में भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए। पुलिस विभाग भी अछूता नहीं है। एचआरटीसी सहित अन्य निगम व बोडोर्ं में भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आए। कांगड़ा सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में भी घपलों के आरोपी हैं