पावर इंजीनियर्स ने निजीकरण के खिलाफ किया प्रदर्शन

हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट प्रवीन गुलाटी यमुनानगर। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के आह्वान पर कर्मचारियों व इंजीनियरों ने एसई कार्यालय पर निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने बताया कि देशभर में बिजली क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने यूपी के बिजली इंजीनियरों और ईपीओएफ के साथ एकजुटता दिखाने
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पावर इंजीनियर्स ने निजीकरण के खिलाफ किया प्रदर्शन

हरियाणा ब्यूरो रिपोर्ट प्रवीन गुलाटी

यमुनानगर। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) के आह्वान पर कर्मचारियों व इंजीनियरों ने एसई कार्यालय पर निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया। फेडरेशन के प्रवक्ता वीके गुप्ता ने बताया कि देशभर में बिजली क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने यूपी के बिजली इंजीनियरों और ईपीओएफ के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निजीकरण के खिलाफ सभी जिलों और परियोजनाओं पर प्रदर्शन और विरोध सभाएं आयोजित करके राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किये गए। उन्होंने बताया कि हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश सहित सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बिजली कर्मचारी और इंजीनियरों की राष्ट्रीय समन्वय समिति (एनसीसीओईईई) के बैनर तले विरोध बैठकें की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यूपी के बिजली कर्मचारियों ने शनिवार और रविवार को हुई दो दौर की वार्ता के बाद आज अपना अपरिभाषित कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया। प्रबंधन ने इस बात पर जोर दिया कि वाराणसी डिस्कॉम के निजीकरण की प्रक्रिया को रोका नहीं जा सकता । उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और इंजीनियरों- कर्मचारियों के बीच 5 अप्रैल, 2018 को लिखित समझौता हुआ था कि डिस्कॉम कार्यप्रणाली में सुधार मौजूदा डिस्कॉम ढांचे के भीतर और निजीकरण के बिना हासिल किया जाएगा। अब यूपी सरकार बिना किसी आधार के समझौते का उल्लंघन कर रही है।

विभाग के निजीकरण के खिलाफ की नारेबाजी

इन्द्री  : उत्तर प्रदेश में बिजली विभाग के निजीकरण के खिलाफ ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन संबंधित सर्व कर्मचारी संघ ने गेट मीटिंग करके जोरदार नारेबाजी की। गेट मीटिंग की अध्यक्षता सब यूनिट इन्द्री प्रधान संटी काम्बोज ने की और संचालन सह सचिव मलिक ने किया। मुख्य वक्ता के तौर सर्व कर्मचारी संघ के जिला प्रधान मलकीत सिंह व खण्ड प्रधान नरेश मेहला ने ने कर्मचारियों को सम्बोधित किया। इस अवसर पर कर्मचारी नेताओं ने एसडीओ की गैर मौजूदगी में एसडीसी कुसुम को उतरप्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। विरोध गेट मीटिंग में कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मलकीत सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में बिजली के निजीकरण के खिलाफ 18 संगठनों की अगुआई में बिजली कर्मचारी एक महीने से आंदोलनरत हैं। मगर उत्तर प्रदेश सरकार कर्मचारियों से बातचीत करने के बजाय उनको प्रताड़ित करने का काम कर रही है। उन्होंने चेताया कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार ने कर्मचारियों को डराने-धमकाने का काम किया गया तो पूरे देश का बिजली कर्मचारी सड़क पर उतरेगा। इस मौके पर माताफेर, जसवीर, संदीप कुमार, संजीव, विनोद, विपिन सिंह, अरुण कुमार, अंकित, अमित, मोहन, विशाल, मनोज, सुमेर, राजेश, आदि कर्मचारी मौजूद रहे।

समालखा में प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन

पानीपत  : आल हरियाणा पावर कारपोरेशन वर्कर युनियन की यूनिट समालखा ने सोमवार को उत्तर प्रदेश विद्युत कर्मचारियों के समर्थन में समालखा बिजली कार्यालय पर प्रदर्शन करके एसडीओ समालखा व बिहौली को मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम ज्ञापन सौंपा गया। प्रदर्शन की अध्यक्षता सब युनिट प्रधान राजेश छौक्कर ने की और संचालन सब यूनिट सचिव नरेश पाल ने किया। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों को संबोधित करते हुए राज्य प्रेस प्रवक्ता सुरेश कुमार ने कहा कि सरकार अपनी हठधर्मी छोड़कर आन्दोलनरत विद्युत नेताओं व कर्मचारियों से बात करे और बिजली कर्मचारियों का उत्पीड़न बन्द किया जाए। बिजली क्षेत्र का निजीकरण बंद किया जाए। प्रदर्शन को यूनिट सचिव विनोद कुमार, सुखदेव, राजेश, तुलाराम, नरेश पाल, सदीप धीमान, प्रवीन कुमार, भाना राम, राजपाल, जगदीश आदि नेताओं ने संबोधित किया।

पॉवर कार्पोरेशंस वर्कर्स ने की गेट मीटिंग

नरवाना  : ईईएफआई एवं इंजीनियर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर ऑल हरियाणा पॉवर कार्पोरेशंज वर्कर्स यूनियन के बैनर तले विद्युत निगम के कर्मचारियों की गेट मीटिंग सोमवार को कार्यकारी अभियंता के प्रांगण में यूनिट प्रधान कृष्ण खटकड़ की अध्यक्षता में हुई। संचालन वरिष्ठ उपप्रधान सुभाष शर्मा ने किया। मीटिंग में विद्युत कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में जोरदार प्रदर्शन किया और अपनी मांगों का ज्ञापन शहरी व ग्रामीण एसडीओ को सौंपा। इस अवसर पर हरेन्द्र नैन, ईश्वर सच्चाखेड़ा, रणधीर गुरूसर, मनोज नैन दनौदा, बलजीत चौपड़ा एसएसए, सुनील एसएसए, सुशील नैन, रूपेन्द्र मोर, विक्रम संधु, सुनील श्योकंद सहित अन्य बिजलीकर्मी मौजूद रहे।

बिजली निजी हाथों में देने के विरोध में प्रदर्शन

कैथल : ऑल हरियाणा पावर कार्पोरेशन वर्कर यूनियन यूनिट कैथल के कर्मचारियों ने विद्युत सदन पिहोवा चौक पर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के समर्थन में उत्तर प्रदेश की योगी सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि योगी सरकार कर्मचारियों के साथ वार्ता की बजाय दमनकारी नीतियां अपना रही है, जिसकी वे निंदा करते हैं। रोष जता रहे बिजली कर्मियों का कहना है कि कर्मचारियों के संघर्ष का असवैंधानिक दमन किया जा रहा है। उन्होंने बिजली को नीजि हाथों में देने के रोष स्वरूप मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश को कार्यकारी अभियंता उत्तर हरियाणा बिजली वितरण के माध्यम से ज्ञापन सौंपा। रोष प्रदर्शन की अध्यक्षता यूनिट प्राधन सतबीर सिंह ने व मंच का संचालन अमरदीप सिंह ने किया। मुख्य वक्ताओं में सर्कल सचिव सुरेश शर्मा, सुशील शर्मा, रविंद्र कुमार, अजय, ओमप्रकाश, प्रदीप कुमार आदि ने संबोधित किया।

यूपी के बिजली कर्मचारियों को दिया समर्थन

कुरुक्षेत्र  : देशभर में बिजली क्षेत्र के लाखों कर्मचारियों और इंजीनियरों ने यूपी के बिजली इंजीनियरों और ईपीओएफ के साथ एकजुटता दिखाने के लिए निजीकरण के खिलाफ सभी जिलों और परियोजनाओं पर प्रदर्शन और विरोध सभाएं आयोजित करके राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। ये जानकारी वीके गुप्ता प्रवक्ता ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (एआईपीईएफ) ने दी। हरियाणा पावर इंजीनियर्स एसोसिएशन ने बिजली संशोधन विधेयक 2020 के विरोध में प्रदेशभर में सर्कल स्तरीय बैठकें की और यूपी के बिजली इंजीनियरों को समर्थन देने के लिए वाराणसी डिस्कॉम के निजीकरण के विरोध में और उनकी लंबे समय से लंबित मांगों को स्वीकार न करने की बात कही।