धो डालेंगे कोरोनावायरस को, बनाएंगे सेनेटाइजर

मनोज उनियाल की रिपोर्ट कोरोना वायरस के खौफ की वजह से सेनेटाइजर व हैंडवाश की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फार्मा कंपनियों ने भी उत्पादन बढ़ा दिया है। हालात ये हैं कि सेनेटाइजर की किल्लत न हो, इसके मद्देनजर अब तक 155 कंपनियों को सेनेटाइजर निर्माण के लाइसेंस दिए जा चुके हैं। कोरोना वायरस
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मनोज उनियाल की रिपोर्ट

कोरोना वायरस के खौफ की वजह से सेनेटाइजर व हैंडवाश की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए फार्मा कंपनियों ने भी उत्पादन बढ़ा दिया है। हालात ये हैं कि सेनेटाइजर की किल्लत न हो, इसके मद्देनजर अब तक 155 कंपनियों को सेनेटाइजर निर्माण के लाइसेंस दिए जा चुके हैं। कोरोना वायरस के देश में पैर पसारने से पहले हिमाचल में महज 40 कंपनियों के पास ही लाइसेंस था, लेकिन देश में संक्रमण की बढ़ोतरी के चलते इनकी मांग में जबरदस्त उछाल आया, इस मांग को पूरा करने में निर्माता कंपनियों का भी दम फूलने लगा था। इसी बीच सरकार ने नए लाइसेंस जारी करने का फैसला लिया, ताकि किल्लत को दूर किया जा सके, इसी का नतीजा रहा कि बीते एक माह के अरसे में ही सेनेटाइजर निर्माताओं का आकंड़ा 40 से 155 तक जा पहुंचा है। यहां की कंपनियां देश के ज्यादातर राज्यों में सेनेटाइजर की आपूर्ति कर रही हैं। बतातें चलें कि अभी राज्य में फार्मा की करीब 700 दवा व कॉस्मेटिक निर्माता कंपनियां हैं, इनमें से महज 40 के पास ही सिर्फ सेनेटाइजर और हैंडवाश निर्माण का लाइसेंस था, लेकिन देश में संक्रमण की बढ़ोतरी के चलते इनकी मांग में जबरदस्त उछाल आया है। राज्य दवा नियंत्रक प्राधिकरण के पास धड़ाधड़ फार्मा कंपनियों ने उत्पादन लाइसेंस के लिए आवेदन कर दिया, जिसके तहत अभी तक करीब 115 नए लाइसेंस फार्मा व कास्मेटिक निर्माता कंपनियों को दिए जा चुके हैं।

अभी 155 निर्माता उद्योग

दवा उपनियंत्रक मुनीष कपूर ने बताया कि सेनेटाइजर की बढ़ती मांग और कमी को पूरा करने के लिए हाल ही में कई नए लाइसेंस जारी किए गए है, मौजूदा समय में हिमाचल में 155 सेनेटाइजर निर्माता है।