जम्मू की डिप्टी मेयर व पूर्व विधायक समेत तीन पर केस दर्ज, लाक डाउन उल्लंघन किया था

एहसान अली की रिपोर्ट जम्मू। लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों में राशन बांटने के लिए भीड़ जुटाना शनिवार को जम्मू की डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा, जम्मू ईस्ट से भाजपा के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता व कॉरपोरेटर संध्या गुप्ता को महंगा पड़ गया। तहसीलदार रवि शंकर की शिकायत पर सिटी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ राष्ट्रीय आपदा
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जम्मू की डिप्टी मेयर व पूर्व विधायक समेत तीन पर केस दर्ज, लाक डाउन उल्लंघन किया था

एहसान अली की रिपोर्ट

जम्मू। लॉकडाउन के बीच जरूरतमंदों में राशन बांटने के लिए भीड़ जुटाना शनिवार को जम्मू की डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा, जम्मू ईस्ट से भाजपा के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता व कॉरपोरेटर संध्या गुप्ता को महंगा पड़ गया। तहसीलदार रवि शंकर की शिकायत पर सिटी पुलिस स्टेशन में उनके खिलाफ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन कानून के तहत एफआइआर दर्ज की गई है। इन तीनों पर पुलिस अधिकारियों के साथ दु‌र्व्यवहार करने का मामला भी दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, हरी मार्केट क्षेत्र की कॉरपोरेटर संध्या गुप्ता ने अपने क्षेत्र में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था, जिसमें क्षेत्र के जरूरतमंद लोगों में राशन बांटा जाना था। राशन पाने के लिए करीब 300 लोग जमा हो गए। इस दौरान शारीरिक दूरी जैसे नियमों का पालन नहीं हुआ।

रघुनाथ बाजार में हरी थियेटर के निकट यह भीड़ जुटने के बाद पुलिस अधिकारी वहां पहुंचे और लोगों को हटाने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि डिप्टी मेयर व पूर्व विधायक ने अधिकारियों के साथ दु‌र्व्यवहार किया। बात जब बिगड़ गई तो पुलिस के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे, जिन्होंने वहां एकत्र हुए लोगों को वापस भेजा। बाद में तहसीलदार रवि शंकर की शिकायत पर सिटी पुलिस स्टेशन में तीनों के खिलाफ औपचारिक केस दर्ज किया गया। मौजूदा लॉकडाउन के बीच जिला प्रशासन ने पहले ही स्पष्ट किया है कि अगर किसी को जरूरतमंदों में राशन या खाना बांटना है तो इसके लिए बकायदा अनुमति लेनी होगी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।

मैं विवाद के बाद पहुंची : पूर्णिमा

जम्मू की डिप्टी मेयर पूर्णिमा शर्मा ने कहा कि मैं जब मौके पर पहुंची तो वहां विवाद बन चुका था। पुलिस ने ऐसा क्यों किया, इसकी मुझे जानकारी नहीं थी। जब मैं वहां पहुंची तो क्षेत्रीय कॉरपोरेटर व अन्य ने बताया कि वे जरूरतमंदों में राशन बांट रहे थे और इस दौरान शारीरिक दूरी का पूरा ख्याल रखा गया था। इसके बावजूद पुलिस ने वहां पहुंच कर जबरदस्ती लोगों को खदेड़ने का प्रयास किया। सारा विवाद इसी बात पर हुआ। मैंने किसी कानून का उल्लंघन नहीं किया है।

भलाई के काम में डंडे का जोर दिखाया गया :

भाजपा के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने कहा कि हमने कोई कानून नहीं तोड़ा। यह तो जन-भलाई में उठाया गया कदम था। राशन बांटने का काम नगर निगम भी कर रहा था। सरकारी काम था। शारीरिक दूरी का भी पूरा ध्यान रखा गया था। लोग शारीरिक दूरी बनाकर अच्छे तरीके से कतारबद्ध थे। इसके बावजूद डंडे का जोर दिखाया गया। पुलिस में अभी भी चंद लोग ऐसे हैं जो लोगों की सुविधा के लिए काम करने की बजाय मुश्किलें पैदा कर रहे हैं।