जम्मू कश्मीर में पहली मौत और बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता 

केवल कृष्ण पनगोत्रा की रिपोर्ट कल तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का अावाम संतोष महसूस कर रहा था कि अब तक करोना वायरस के कारण मौत ने दस्तक नहीं दी। लेकिन 26 मार्च को सुबह की खबर ने संतोष की अनुभूति पर चिंता की परतें चढ़ा दी। श्रीनगर शहर के हैदरपुरा से 65 साल के
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जम्मू कश्मीर में पहली मौत और बढ़ते मामलों ने बढ़ाई चिंता 

केवल कृष्ण पनगोत्रा की रिपोर्ट

कल तक केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर का अावाम संतोष महसूस कर रहा था कि अब तक करोना वायरस के कारण मौत ने दस्तक नहीं दी। लेकिन 26 मार्च को सुबह की खबर ने संतोष की अनुभूति पर चिंता की परतें चढ़ा दी। 

श्रीनगर शहर के हैदरपुरा से 65 साल के एक बुजुर्ग की पहली मौत इस लिहाज़ से भी फिक्र का अहसास करवाती है कि उस शख्स ने एक ऐसी गलती कर दी जिससे वो तो दुनिया से रुखस्त हो गया मगर जाने कितनों की जिंदगी खतरे में डाल गया। 

बताया जा रहा है कि वो बाहिरी प्रदेश से आ कर जम्मू शहर से सटे भीड़भाड़ वाले क्षेत्र बाड़ी ब्रहम्णा से होता हुआ वाया जम्मू कश्मीर सूबा स्थित श्रीनगर पहुंचा।

यात्रा के विवरण की जानकारी छिपाने और सही समय पर चिकित्सीय परीक्षण को लेकर लापरवाही से बुजुर्ग तो दुनिया छोड़ गया, मगर आवाम के साथ शासन-प्रशासन की फ़िक्रमंदी को बढ़ा डाला। 

कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही की एक और घटना तब घटी जब बांग्लादेश से प्रदेश में पहुंची छह लड़कियों को जम्मू शहर की प्रसिद्ध पाश कॉलोनी छन्नी हिम्मत से पकड़ा गया। 

चिंता और आशंका की बात यह है कि वो छह लड़कियां छन्नी हिम्मत के अलावा जाने किस-किस जगह घूमी होंगी! कितने लोगों के संपर्क में आई होंगी! 

कोरोना वायरस को लेकर जम्मू-कश्मीर में स्थिति गंभीर होती जा रही है। कठुआ के पहाड़ी इलाकों तक वायरस के संक्रमण की अाशंका है। पंजाब से सटे कठुआ जिला में 1200 लोगों को क्वारंटीन में रखा गया है। इसके साथ ही प्रदेश में अब कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 11 पहुंच गई है। इसमें कश्मीर में आठ और जम्मू में तीन मरीज हैं। इस बीच राज्य सरकार ने सभी दफ्तरों को 14 अप्रैल तक के लिए बंद कर दिया है। 

सरकारी सुविधाओं का जायज़ा

पेंशनधारकों की सहूलियत के लिए सभी प्रकार के पेंशन तत्काल जारी करने के आदेश किए गए हैं। प्रशासन की ओर से पांच हजार लोगों के क्वारंटीन की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए होटल, स्कूल परिसर चिह्नित किए गए हैं। 

प्रदेश सरकार ने जम्मू कश्मीर में 14 अप्रैल तक जरूरी सेवाओं वाले कार्यालयों को छोड़ अन्य सभी सरकारी कार्यालयों को 14 अप्रैल तक बंद कर दिया है। प्रदेश सरकार के प्रवक्ता रोहित कंसल के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 21 दिवसीय देश व्यापी लॉकडाउन को जम्मू कश्मीर में सफल बनाने के लिए सरकार हर मुमकिन कदम उठाएगी। 

वहीं, उपराज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू की अध्यक्षता में प्रशासनिक परिषद ने कोरोना वायरस से उत्पन्न हुए हालात को देखते हुए रिटायर्ड कर्मचारियों की पेंशन को तत्काल जारी करने के निर्देश वित्त विभाग को जारी किए हैं। 

प्रशासनिक परिषद के फैसले से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख पेंशन धारकों को लाभ मिलेगा। उल्लेखनीय हैं कि प्रशासनिक परिषद ने इससे पूर्व डेलीवेजरों को एक महीने का वेतन तत्काल जारी करने के निर्देश दिए थे। इसके अलावा राशन कार्ड धारकों को दो महीने का एडवांस राशन भी जारी करने का फैसला लिया चुका है।

लॉकडाउन का सख्ती से हो रहा पालन

जम्मू-कश्मीर के प्रवेशद्वार लखनपुर से लेकर पूरे प्रदेश तथा लद्दाख में लॉकडाउन रहा। प्रशासन की ओर से सख्ती भी रही। बाहर निकलने वालों को घर भेजा गया। इसके साथ ही आदेश का अनुपालन न करने पर मुकदमा दर्ज करने के साथ गिरफ्तारियां भी की गईं। कई वाहन सीज किए गए। जुर्माना भी लगाया गया। हालांकि, दवा, दूध, फल-सब्जी समेत अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति सुचारू रही। जम्मू, डोडा, किश्तवाड़ समेत कई जगहों पर राशन वितरण शुरू कर दिया गया है। श्रीनगर में  मोहल्लों में भी भीड़ जुटने से रोकने को अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। यहां 28 मार्च से पीडीएस राशन की होम डिलीवरी शुरू होगी। 

श्रीनगर में संदिग्ध मरीज अस्पताल से भागा

श्रीनगर के डलगेट स्थित चेस्ट अस्पताल से कोरोना का एक संदिग्ध मरीज भाग निकला। बटमालू के 23 वर्षीय युवक को अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया गया था। उसका सैंपल जांच के लिए मंगलवार को भेजा गया। वह हंगरी से लौटा था। पिछले सप्ताह भी सऊदी अरब से पहुंची एक महिला भी अस्पताल से भाग निकली थी। बाद में उसे अस्पताल लाया गया। हालांकि, उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई थी।