छुट्टियों के दौरान छात्रों को मिड-डे मील का राशन घर भेजा जाएगा

मनोज उनियाल की रिपोर्ट शिमला – स्कूलों में छुट्टियों के दौरान छात्रों को मिड-डे मील का राशन घर भेजा जाएगा। इसके अलावा मिड-डे मील की कुकिंग राशि का भी छात्रों को आबंटन किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित जम्वाल ने इन आदेशों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत छात्रों के अभिभावकों
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मनोज उनियाल की रिपोर्ट

शिमला – स्कूलों में छुट्टियों के दौरान छात्रों को मिड-डे मील का राशन घर भेजा जाएगा। इसके अलावा मिड-डे मील की कुकिंग राशि का भी छात्रों को आबंटन किया जाएगा। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक रोहित जम्वाल ने इन आदेशों को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है। इसके तहत छात्रों के अभिभावकों से आग्रह किया गया है कि 31 मार्च तक का राशन संबंधित स्कूलों से प्राप्त कर लें। शिक्षा विभाग ने कहा है कि फिलहाल 31 मार्च तक पात्र छात्रों के हिस्से के चावल और उसकी राशि तुरंत प्रभाव से उनके परिजनों को सौंपी जाए। जारी आदेशों में कहा है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे पहली से पांचवीं प्राइमरी स्टैंडर्ड के छात्रों को 100 ग्राम प्रतिदिन के हिसाब से चावल दिए जाएंगे। इसी तरह 4.48 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से प्रति छात्र को मिड-डे-मील कुकिंग के रूप में राशि आबंटित की जाए। इसी तरह छठी से आठवीं तक अपर प्राइमरी स्टैंडर्ड के छात्रों को 150 ग्राम प्रति छात्र प्रतिदिन के हिसाब से चावल दिए जाएं। इस स्टैंडर्ड के छात्रों को 6.71 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से कुकिंग की राशि का भुगतान किया जाए। उल्लेखनीय है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए हिमाचल प्रदेश के सभी स्कूलों में 31 मार्च तक अवकाश घोषित कर दिया है। इसके चलते स्कूलों में मिड-डे-मील पकना बंद हो गया है। राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि छात्रों के हिस्से के इस चावल को उनके घर भेज दिया जाए। इस आधार पर शिक्षा विभाग ने दो पन्नों की नोटिफिकेशन जारी कर प्रदेश भर के प्रारंभिक शिक्षा उपनिदेशकों को इन आदेशों को तुरंत प्रभाव से लागू करने के लिए कहा है। साथ ही विभाग ने हिदायत दी है कि स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर यह निर्धारित करें कि चावलों और राशि के आबंटन के दौरान किसी तरह की भीड़ नहीं होनी चाहिए। इसके लिए स्कूल प्रबंधन अपने स्तर पर पुख्ता प्रबंध कर लें। इसके अलावा स्कूल प्रबंधन को यह भी हिदायत दी गई है कि छात्रों के अभिभावकों को दिए जाने वाले चावलों व राशि का लेखा-जोखा ऑफिस रजिस्टर में दर्ज किया जाए। बाद में इसकी जांच और ऑडिट किया जाएगा।