घर से निकलते थे स्कूल और बंक मारकर करते थे नशा

सोहनलाल की रिपोर्ट गोहाना। आधुनिक जमाना है और आधुनिकता के इस दौर में सब कुछ इतना हाईटेक हो चुका है कि अगर आपका बच्चा स्कूल नहीं पहुंचता है तो अभिभावकों के पास मैसेज मोबाइल पर पहुंच जाता है लेकिन आज हम आपको एेसे मामले के बारे में बताने जा रहे है जिसे सुनकर आपके दिलो-दिमाग
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घर से निकलते थे स्कूल और बंक मारकर करते थे नशा

सोहनलाल की रिपोर्ट 

गोहाना।   आधुनिक जमाना है और आधुनिकता के इस दौर में सब कुछ इतना हाईटेक हो चुका है कि अगर आपका बच्चा स्कूल नहीं पहुंचता है तो अभिभावकों के पास मैसेज मोबाइल पर पहुंच जाता है लेकिन आज हम आपको एेसे मामले के बारे में बताने जा रहे है जिसे सुनकर आपके दिलो-दिमाग में भी एक बार तो सवाल यह भी आएगा कि कहीं उनके बच्चे भी तो ऐसा नहीं कर रहे।

मामला है सोनीपत का जहां अलग-अलग स्कूलों के 10 बच्चें मौज मस्ती करने के लिए स्कूल से फरार होकर गोहाना पहुंचे जिन्हें पुलिस ने काबू कर लिया।  यह बच्चे रेलवे स्टेशन के नजदीक  बैठकर धूम्रपान कर रहे थे और इस दौरान मौके से पुलिस को देखकर छह स्कूली बच्चे भाग गए और पुलिस के हत्थे चार बच्चे आए।

घर से निकलते थे स्कूल और बंक मारकर करते थे नशा
जब स्कूली बच्चों से बातचीत हुई तो उन्होंने बताया कि वे अलग-अलग स्कूलों के 10 बच्चे घूमने के लिए गोहाना आये थे, जिनमें से कुछ भाग गए।  उन्होंने बताया कि 3 बच्चे सरकारी स्कूल से और एक निजी स्कूल में पढ़ाई करता है। प्रदेश में सरकारी स्कूल पहले ही अपनी अव्यवस्था के कारण चर्चित रहते हैं ,लेकिन सबसे बड़ा सवाल तो प्राइवेट स्कूल का भी है। जहां पर मनमानी फीस वसूल की जाती है और अभिभावकों द्वारा प्राइवेट स्कूल में इसलिए भी पढ़ा जाता है कि उनके बच्चे का भविष्य उज्जवल होगा और बच्चे सुरक्षित रहेंगे लेकिन यहां न तो बच्चे सुरक्षित हैं और ना ही उनका आने वाला भविष्य उज्जवल है।