कुल्लू दशहरा में इस बार सिर्फ देव परंपरा; सात देव भरेंगे हाजिरी

मनोज उनियाल की रिपोर्ट कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में नहीं बुलाए जाएंगे देवी-देवता; सिर्फ सात देव भरेंगे हाजिरी, नहीं सजेगा कारोबार कुल्लू। देव महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ जी की परंपरा को टूटने नहीं दिया जाएगा और दशहरा के दिन रघुनाथ जी की रथ यात्रा होगी। जी हां, दशहरे को लेकर हुई
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कुल्लू दशहरा में इस बार सिर्फ देव परंपरा; सात देव भरेंगे हाजिरी

मनोज उनियाल की रिपोर्ट

कोविड प्रोटोकॉल के तहत अंतरराष्ट्रीय महाकुंभ में नहीं बुलाए जाएंगे देवी-देवता; सिर्फ सात देव भरेंगे हाजिरी, नहीं सजेगा कारोबार

कुल्लू। देव महाकुंभ अंतरराष्ट्रीय दशहरा उत्सव में भगवान रघुनाथ जी की परंपरा को टूटने नहीं दिया जाएगा और दशहरा के दिन रघुनाथ जी की रथ यात्रा होगी। जी हां, दशहरे को लेकर हुई देवसदन कुल्लू में पहली बैठक में यह निर्णय लिया गया है। बैठक की अध्यक्षता दशहरा समिति के अध्यक्ष मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 का खतरा टला नहीं है। ऐसे में जो भी कोविड-19 को लेकर दिशा-निर्देश हैं, उनका पालन किया जाएगा और उसके बाद ही सारी जो भी देव परंपरा है, उसे निभाया जाएगा। बैठक में कई विषयों को लेकर गहनता से चर्चा की गई। मंत्री ने उपस्थित जिला कारदार संघ के पदाधिकारियों से भी सुझाव मांगे। मंत्री ने यहां साफ कहा कि सभी के सुझाव लेने के बाद ही आगे का निर्णय लिया जाएगा। क्योंकि जान है, तो जहान है। वहीं, देर तक तक चली बैठक में उपस्थित कुल्लू के विधायक ने भी अपनी बात प्रमुखता से रखी। वहीं, उपस्थित भगवान रघुनाथ जी के छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने भी विस्तार से अपनी बात रखी।

हालांकि इस रथ यात्रा में इस बार जिला भर के सैकड़ों देवी-देवता भाग नहीं ले पाएंगे और न ही हजारों श्रद्धालु रथ खींच पाएंगे, लेकिन पूरे सात दिन तक भगवान रघुनाथ जी की परंपरा का निर्वाह जरूर होगा। सोमवार को दशहरा पर्व की पहली बैठक का आयोजन हुआ और इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कोरोना के नियमों का पालन करते हुए दशहरा पर्व मनाया जाएगा। इस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि ढालपुर मैदान में किसी भी तरह का व्यापार नहीं होगा और न ही कोई दुकानें लगेंगी। दशहरा पर्व में आने वाले लोग कुल्लू शहर की स्थायी दुकानों में ही खरीददारी कर सकते हैं। यही नहीं, लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में भी किसी तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं होंगे। इसके अलावा उपाध्यक्ष एवं उपायुक्त डा. ऋचा वर्मा, कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर, आनी के विधायक किशोरी लाल, नगर परिषद के उपाध्यक्ष गोपाल कृष्ण महंत, कारदार संघ के पदाधिकारी सहित दशहरा कमेटी के सदस्य मौजूद रहे।

कोरोना से मुक्ति का आशीर्वाद दें

बैठक में विस्तार से चर्चा की गई कि आखिर किस तरह कोरोना के इस संकट में दशहरा पर्व की परंपरा का निर्वाह किया जाए। कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते हुए यही निर्णय लिया गया कि आखिर किसी भी देवी-देवता को आमंत्रित नहीं किया जाएगा। सिर्फ उन सात देवी-देवताओं के निशान बुलाए जाएंगे, जिन देवताओं की रथयात्रा में भूमिका बेहद जरूरी है। निर्णय यह लिया गया कि यदि सभी देवी-देवताओं को बुलाया गया, तो कोविड-19 के नियमों की उल्लंघना होगी और कोरोना जैसी बीमारी पर कंट्रोल नहीं रहेगा। वहीं, भगवान नरसिंह की जलेब भी सूक्ष्म तौर पर होगी।

दशहरा कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि हम इस निर्णय पर पहुंच गए हैं कि भगवान रघुनाथ जी की रथयात्रा होगी और यह कोरोना के नियमों को ध्यान में रखते ही होगी। वहीं, दूसरी ओर रघुनाथ जी के प्रमुख छड़ीबरदार महेश्वर सिंह ने कहा कि परंपराएं निभाई जाएंगी और इसमें कोरोना के नियमों का पालन होगा। उन्होंने लोगों व देवताओं से भी सहयोग की अपील की है। उन्होंने देवी-देवताओं से आशीर्वाद देने की अर्ज की है कि कोरोना जैसी बीमारी से मुक्ति दिलवाई जाए। नरसिंह भगवान की जलेब का कार्यक्रम भी सूक्ष्म तरीके से होगा।

कोविड टेस्ट भी होंगे

कुल्लू – कोरोना महामारी के चलते इस बार देव आयोजन अधिकतर नहीं हो पाए हैं, जिसे लेकर देवकाज से जुड़े लोगों में निराशा भी है। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों ने सरकार के हर आदेशों का भी पालन किया है, लेकिन अंतरराष्ट्रीय दशहरा एक ऐसा उत्सव है, जिसे देखने के लिए देश-विदेश से भी सैलानी कुल्लू पहुंचते थे, लेकिन कोविड-19 के चलते इस बार भले ही दशहरे का बड़े स्तर पर आयोजन नहीं होगा, लेकिन देव परंपरा को सात दिन तक जरूर निभाने का निर्णय लिया गया है।

सोमवार को देव सदन में हुई दशहरे को लेकर पहली बैठक में उपस्थित दशहरा समिति के अध्यक्ष मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने यहां साफ कहा कि दशहरे की पहली बैठक हमेशा मुख्यमंत्री करते हैं, लेकिन केविड-19 के चलते इस परंपरा को कैसे निभाया जाना है, ऐसे में सभी की राय लेना भी जरूरी है। इसलिए कुल्लू में इस बैठक को आयोजित किया गया है। उन्होंने बैठक में उपस्थित सभी का आभार जताते हुए कहा कि सभी ने बहुमूल्य सुझाव अपने दिए। किसी ने किसी तरह की समस्या खड़ी नहीं की। बैठक में चर्चा हो रही है कोविड टेस्ट भी जरूर होना चाहिए, ताकि किसी भी तरह का कोई खतरा किसी को भी न हो। क्योंकि भगवान रघुनाथ जी के रथ को खींचने के लिए भी करीब 70 से 100 लोग उपस्थित रहेंगे।