एस आर ओ 24 के तहत कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने मांगा इंसाफ

कहा थाली बजाने और दिए जलाने से पेट नहीं भरा जाता उप राज्यपाल प्रशासन से लगाई गुहार,कहा मांगे जल्द मानी जाएं ईशांत सूदन की रिपोर्ट कठुआ ।गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे अस्थायी कर्मियों ने अपने कार्यकाल की अवधि को पूर्ण करने की मांग को लेकर सोमवार को भी धरना प्रदर्शन
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एस आर ओ 24 के तहत कार्यरत अस्थायी कर्मचारियों ने मांगा इंसाफ
  • कहा थाली बजाने और दिए जलाने से पेट नहीं भरा जाता
  • उप राज्यपाल प्रशासन से लगाई गुहार,कहा मांगे जल्द मानी जाएं

ईशांत सूदन की रिपोर्ट

कठुआ ।गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में विभिन्न क्षेत्र में कार्य कर रहे अस्थायी कर्मियों ने अपने कार्यकाल की अवधि को पूर्ण करने की मांग को लेकर सोमवार को भी धरना प्रदर्शन जारी रखा। ज्ञात रहे कि एस आर ओ 24 के तहत लगाए कुछ स्वास्थ्य कर्मचारियों का कार्यकाल एक साल से छह साल तक बढ़ाये जाने का प्रावधान होता है लेकिन गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज कठुआ व राजौरी में इन कर्मचारियों को बिना किसी अग्रिम सूचना के नौकरी से निष्कासित कर दिया गया।अपने कार्यकाल के विस्तार को आगे बढ़ाने की मांग को लेकर इन सभी कर्मचारियों ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ तानाशाही रवैये को अपनाने का आरोप लगाया है।उन्होंने कहा कि वह जब मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से मिलने गईं तो उन्हें उनसे मिलने नही दिया गया और उल्टा उनके ऊपर बदसलूकी का आरोप लगाया गया। इस दौरान उन्होनें ने कहा कि एसआरओ 24 के तहत 1 साल से लेकर 6 साल तक विस्तार बढ़ाने का प्रावधान है लेकिन अब उसको आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इन्होंने कहा कि वैसे तो सरकार *बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ* का नारा देती है लेकिन जब बात बेटियों को उनका हक देने की आती है तो सरकार हिटलरशाही रवैया अपना लेती हैं। पत्रकारों को अपनी समस्या सुनाते हुए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आज इस महामारी के संकट में जहां स्वास्थ्य कर्मचारी फ्रंटलाइन बन के खड़े हैं और दूसरी तरफ प्रधानमंत्री ने कहा है कि इस संकट के दौरान किसी को निष्कासित नहीं किया जाना चाहिए तो उन्हें किस आधार पर निष्कासित किया गया। उन्होंने मेडिकल कॉलेज के प्रशासन पर तानाशाही रुख अपनाने का आरोप लगाया और कहा कि वह उनकी बात तक सुनने को तैयार नहीं है वहीं दूसरी और अलग अलग मेडिकल कॉलेजों में एस आर ओ 24 के तहत लगे हुए कर्मचारी अपने काम ओर लगे हुए हैं।
गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में सेवाएं देने वाले अस्थाई कर्मियों रोष प्रकट करते हुए कहा कि पिछलें एक साल से हम यह अपनी सेवाएं दे रहे है और जब हम अपने कार्यकाल के विस्तार को आगे बढ़ाने के लिए कहा तो हमें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उन्होंने कहा कि कोरोना जैसी महामारी में एक तरफ सरकार रिटायर्ड डॉक्टरों को दोबारा लगा रही है तो वहीं दूसरी और हमें निष्कासित कर दिया गया जो कि हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ है और इसे हम कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे। इस दौरान उन्होनें कहा कि मेडिकल कॉलेज में सेवाएं दे रहे 247 में से कुछ कर्मचारियों को दिया गया है। जिसका हम कड़ा विरोध करते हैं।उन्होंने कहा कि सरकार जम्मू कश्मीर के युवाओं के साथ हमेशा खिलवाड़ करती आयी है लेकिन अब इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।