उत्तराखंड में कोरोना के 85 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों का आंकड़ा 1043

रश्मि प्रभा की रिपोर्ट हरिद्वार। राज्य में कोरोना के 85 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों का आंकड़ा 1043 पहुंच गया। मंगलवार को सबसे अधिक 37 मरीज देहरादून जिले में मिले। जबकि नैनीताल में 22, टिहरी जिले में भी कोरोना के 14 नए मरीज मिले हैं। 30 मरीज ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज भी किए
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उत्तराखंड में कोरोना के 85 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों का आंकड़ा 1043

रश्मि प्रभा की रिपोर्ट

हरिद्वार। राज्य में कोरोना के 85 नए मरीज मिलने से कुल मरीजों का आंकड़ा 1043 पहुंच गया। मंगलवार को सबसे अधिक 37 मरीज देहरादून जिले में मिले।

जबकि नैनीताल में 22, टिहरी जिले में भी कोरोना के 14 नए मरीज मिले हैं। 30  मरीज ठीक होकर अस्पतालों से डिस्चार्ज भी किए गए हैं।

अपर सचिव स्वास्थ्य युगल किशोर पंत ने बताया कि मंगलवार को लैब से कुल 978 सैंपल की रिपोर्ट आई जिसमें से 85 पॉजिटिव जबकि 893 नेगेटिव पाए गए हैं।

उन्होंने बताया कि मंगलवार को पॉजिटिव आए मरीजों में से 37 अकेले देहरादून जिले से हैं। इनमें कुछ प्रवासी हैं जबकि एक शब्जी मंडी में पॉजिटिव पाए गए मरीज का कांट्रेक्ट है।

इसके अलावा टिहरी जिले में मुंबई से लौटे 14 प्रवासी, चमोली में पुणे और मुंबई से लौटे पांच मरीज और हरिद्वार में मुंबई से लौटे एक मरीज में कोरोना की पुष्टि हुई है।

जबकि पौड़ी में 3, रुद्रप्रयाग 2, मरीज मीले हैं। मंगलवार को राज्य के अस्पतालों से कुल 1268 मरीजों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। इसमें से सबसे अधिक 370 सैंपल हरिद्वार जिले के हैं।

जबकि टिहरी से 208, पौड़ी से 132, देहरादून से 128 सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। राज्य में अभी तक कुल 33081 सैंपलों को जांच के लिए भेजा गया है। जिसमें से 24262 सैंपलों की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। जबकि 1043 मरीज पॉजिटिव पाए गए हैं।

एक और कोरोना पीड़ित की मौत 

हल्द्वानी मेडिकल कॉलेज में भर्ती एक कोरोना पॉजिटिव मरीज की सोमवार देर रात को मौत हो गई। इसके साथ ही राज्य में कोरोना पीड़ितों की मौत का कुल आंकड़ा 7 हो गया है।

हालांकि राज्य सरकार के हेल्थ बुलेटिन के अनुसार मरीज की मौत कार्डियो रेस्पोरेट्री अरेस्ट की वजह से हुई है। राज्य में अभी तक हुई सात मरीजों की मौत को सरकार ने कोरोना से मौत नहीं माना है।

6863 सैंपल की रिपोर्ट आना बाकी 

राज्य की लैब से 6863 सैंपल की रिपोर्ट आना अभी बाकी है। सैंपलों की वेटिंग बढ़ने से मरीजों को लम्बे समय तक जांच रिपोर्ट का इंतजार करना पड़ रहा है। इसके साथ ही इससे क्वारंटीन सेंटरों पर भी दबाव बढ़ रहा है।

सरकार तमाम प्रयासों के बावजूद भी सैंपलिंग बढ़ा नहीं पा रही है। सबसे अधिक तीन हजार के करीब सैंपल हरिद्वार जिले के पेंडिंग हैं। इसके अलावा टिहरी के 1346 सैंपलों की रिपोर्ट आना अभी बाकी है।

राज्य में कोरोना संक्रमण और मृत्यु दर राष्ट्रीय औसत से कम 

इधर मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में कोरोना की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि राज्य में एक करोड़ से अधिक की आबादी पर महज एक हजार के करीब केस हैं।

उन्होंने कहा कि सरकार की कोरोना से लडाई की तैयारी पूरी है और मरीजों की संख्या बढ़ने को देखते हुए तैयारियां की गई हैं। उन्होंने बताया कि संस्थागत क्वारंटाइन के लिए 14 हजार बेड आरक्षित किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि राज्य में मरीजों के ठीक होने की दर 24 प्रतिशत से अधिक हो गई है। जबकि मरीज दोगुना होने की दर छह दिन हो गई है। कोरोना संक्रमण दर राज्य में चार प्रतिशत के करीब पहुंच गई है। राज्य में कुल 38 कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं।

पहाड़ में भी तेजी से फैला संक्रमण 

राज्य के अधिकांश पर्वतीय जिले पहला मरीज मिलने के दो महीने बाद तक   ग्रीन जोन में थे। लेकिन 24 मई के बाद पर्वतीय जिलों में मरीजों के पॉजिटिव आने से तस्वीर बदल गई और सभी जिले ऑरेंज श्रेणी में आ गए। अब मैदान के साथ ही पहाड़ के जिलों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। जिससे सरकार की चुनौती बढ़ रही है।

इस प्रकार से बढ़े मरीज 

  • 1 सप्ताह 15 से 21 मार्च –  3 मरीज
  • 2 सप्ताह 22 से 28 मार्च –  3 मरीज
  • 3 सप्ताह 29 मार्च से 4 अप्रैल – 16 मरीज
  • 4वां सप्ताह 5 अप्रैल से 11 अप्रैल – 13 मरीज
  • 5वां सप्ताह 12 अप्रैल से 18 अप्रैल – 7 मरीज
  • 6वां  सप्ताह 19 अप्रैल से 25 अप्रैल – 6 मरीज
  • 7वां सप्ताह 26 अप्रैल से 2 मई – 11 मरीज
  • 8वां सप्ताह 3 मई से 9 मई – 8 मरीज
  • 9वां सप्ताह 10 मई से 16 मई – 24 मरीज
  • 10वां सप्ताह 17 मई से 23 मई – 153 मरीज
  • 11वां सप्ताह 24 मई से 30 मई – 505 मरीज
  • 12वां सप्ताह 31 मई से शुरू  53 मरीज