इन्होंने साबित कर दिया कि पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसके कार्यकर्ता हैं

ईसम सिंह की रिपोर्ट नारनौंद : उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के लिए अपने कार्यकर्ता सर्वोपरी हैं। इसकी एक बानगी नारनौंद में देखने को मिली जब तबीयत खराब होने की वजह से एक बुजूर्ग कार्यकर्ता भीड़ और गर्मी की वजह से उन्हें नहीं मिल सका तो दुष्यंत चौटाला स्वयं उसके पास चल कर गए और उनकी समस्या
 | 
इन्होंने साबित कर दिया कि पार्टी के लिए सबसे महत्वपूर्ण उसके कार्यकर्ता हैं

ईसम सिंह की रिपोर्ट

नारनौंद : उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के लिए अपने कार्यकर्ता सर्वोपरी हैं। इसकी एक बानगी नारनौंद में देखने को मिली जब तबीयत खराब होने की वजह से एक बुजूर्ग कार्यकर्ता भीड़ और गर्मी की वजह से उन्हें नहीं मिल सका तो दुष्यंत चौटाला स्वयं उसके पास चल कर गए और उनकी समस्या सुनी। इतना ही नहीं, उन्होंने बुजुर्ग कार्यकर्ता को अपनी गाड़ी में बैठाया और अपने साथ मंडी में ले गए। शनिवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला नारनौंद हलके के लोगों की समस्याएं सुनने के लिए दादा देवराज धर्मशाला पहुंचे थे। इसी दौरान हैबतपुर वासी बुज़ुर्ग कार्यकर्ता किताब सिंह भी अपनी समस्या बताने के लिए यहां आए थे।

हॉल में लोगों की भीड़ व उमस भरी गर्मी के बीच बुजुर्ग किताब सिंह असहज महसूस करने लगे और उन्हें सांस लेने में कठिनाई महसूस होने लगी। वे हॉल से निकल कर बाहर डिप्टी सीएम की गाड़ी के पास आकर कुर्सी पर बैठ गए। जैसे ही दुष्यंत चौटाला लोगों की समस्या सुनने के बाद अनाज मंडी के लिए निकले, उनकी नजर बुजुर्ग कार्यकर्ता पर पड़ी और वे तुरंत उनसे मिलने पहुंचे। हालांकि पहले दुष्यंत चौटाला ने अनाज मंडी तक पैदल ही जाने का फैसला किया था परन्तु कार्यकर्ता को अपनी गाड़ी के पास देख वे गाड़ी की ओर मुड गए। उन्होंने किताब सिंह के पैर छूकर आशीर्वाद लिया और कहा… ताऊ जी आप अंदर क्यों नहीं आए, बाहर क्यों बैठे हो? किताब सिंह ने अपनी तबीयत से संबंधित समस्या डिप्टी सीएम को बताया कि गर्मी की वजह से वे अंदर नहीं बैठ सके। दुष्यंत ने कहा कि, ताऊ जी मैं तो अनाज मंडी में पैदल ही जाना चाहता था पर, आपको यहां बैठा देख आपसे मिलने आया हूं। डिप्टी सीएम ने किताब सिंह को कहा कि अब आप मेरे साथ गाड़ी में बैठो और अनाज मंडी में चलते हैं। डिप्टी सीएम उन्हें गाड़ी में बैठाकर अनाज मंडी तक ले गए और उनकी समस्या भी सुनी।