आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट फरीदाबाद। कोरोना माहमारी ऐसी आई की देश विदेशों में अर्थव्यवस्था को ठप कर दिया। लोगों के रोजगार छीन लिए। ऐसी महामारी में समाज के लोगों को जागरूक में मदद करने के लिए ना जाने कितने समाजसेवी व सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया वे लोगों की मदद की। चाहे वह
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आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा मुफ्त में दी जाएगी

प्रवीन गुलाटी की रिपोर्ट

फरीदाबाद। कोरोना माहमारी ऐसी आई की देश विदेशों में अर्थव्यवस्था को ठप कर दिया। लोगों के रोजगार छीन लिए। ऐसी महामारी में समाज के लोगों को जागरूक में मदद करने के लिए ना जाने कितने समाजसेवी व सामाजिक संस्थाओं ने बढ़ चढ़कर भाग लिया वे लोगों की मदद की। चाहे वह इस महामारी में लोगों के बीच जाकर जागरूकता फैलाना हो, प्लाज्मा डोनेशन कैंप हो, मास्क वितरण हो या रक्तदान शिविर का आयोजन हो आदि के द्वारा लोगों की बढ़-चढ़कर मदद की। इसी कड़ी में आज हरसीरत फाउंडेशन और कामधेनु रन एनजीओ ने संयुक्त रूप से तिगांव के छायंसा गांव स्थित रावत कोचिंग सेंटर का दौरा किया गया। इंस्टीट्यूट में ग्रामीण युवा बच्चे जो आथिर्क परेशानियों को सामना करते हुए अपने आगे की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, ऐसे बच्चों का आज टेस्ट लिया गया।
हर्सीरत फाउन्डेशन की अध्यक्ष हरमीत कौर ने बताया कि जो ग्रामीण बच्चे, महिलाएं व युवा किसी कारण से आगे की शिक्षा से वंचित रह जाते हैं, उनको रावत कोचिंग सेंटर के माध्यम से मुफ्त में कंप्यूटर कि शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन 120 से 150 छात्र छात्राओं को मुफ्त में कंप्यूटर की शिक्षा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को समाज में आगे लाने के लिए हरसीरत फाऊंडेशन के द्वारा सिलाई सेंटर, ब्यूटी पार्लर व महिलाओं से संबंधित लघु उद्योग भी खोले जाएंगे।

रावत कोचिंग सेंटर के संस्थापक प्रवीण रावत व अजीत ने कहा कि कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए बच्चों की स्वस्थ को लेकर मास्क पहनना सोशल डिस्टेंसिंग व सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य किया गया है। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र में बच्चों के अग्रिम विकास के लिए रावत इंस्टीट्यूट अपनी सहायता देता रहेगा जिससे बच्चों के विकास में कोई बाधा ना आ सके।